रक्षाबंधन का मौका हो और रोडवेज बसों से लेकर ट्रेनों में बहनों की भीड़ न दिखे। यह संभव नहीं है। मगर, ऐसा इस बार हुआ। सोमवार के रक्षाबंधन को लेकर शनिवार और रविवार रात में मायके जाने वाली बहनों की संख्या न के बराबर ही दिखाई दी। या कहें कि दूर दराज से मायके लौटने वाली बहनों की संख्या नहीं थी। हां, दिन में जरूर रोडवेज बस स्टैंड और बसों में भीड़ रही। वह भी आसपास के शहरों को आने और जाने वाली बहनों की। अमर उजाला टीम ने इस बार लॉकडाउन काल में रक्षाबंधन से ऐन पहले 24 घंटे के हालात देखे तो वे कुछ इस तरह नजर आए।
ये रहे शनिवार की रात के हालात :
बेशक लॉकडाउन था, मगर बसों की आवाजाही पर छूट थी। उम्मीद थी कि रक्षाबंधन से पहले बहनें अपने मायके के लिए निकलेंगी तो बसों में भीड़ नजर आएगी। मगर शनिवार रात 12 बजे से लेकर सुबह 4 बजे तक इस शहर के प्रमुख रोडवेज बस स्टैंड गांधीपार्क व सारसौल पर यात्रियों की भीड़ के नाम पर सन्नाटा पसरा रहा। आलम यह था कि बस स्टैंडों के अंदर दर्जनों भर बसें इस इंतजार में खड़ी थीं कि यात्री अगर निकलें तो बसें गंतव्य को रवाना हों। मगर रात भर ये बसें खड़ी रहीं, मगर इन्हें यात्री नसीब नहीं हुए। कमोबेश यही स्थिति बस स्टैंडों के बाहर यात्रियों के इंतजार में मौजूद टैंपो और रिक्शा पोलरों की थी। यह भी रात भर उनींदते रहे। मगर इन्हें सवारियां नहीं मिलीं। हां, दोनों बस स्टॉपों के जीटी रोड पर होने के कारण दिल्ली की ओर से कानपुर की ओर जाने वाली बसों की आवाजाही जरूर इनकी तंद्रा को भंग कर रही थी।
उनकी भी स्थिति यह थी कि बसों में 15 20 से ज्यादा सवारियां किसी भी बस में दिखाई नहीं दे रही थीं। कुल मिलाकर कहें तो दूरदराज से बहनों का मायके की ओर जाने का क्रम बेहद कम था। बात अगर रेलवे स्टेशन की करें तो वहां तो पिछले कई दिनों की तरह रात में सन्नाटा पसरा रहा। कमोबेश यही स्थिति रविवार रात को रही। रात 10 बजे के बाद बस स्टैंडों पर अचानक से सवारियों की संख्या कम होने लगी और रात होते-होते दस-बीस सवारियां ही ऐसी थीं जो बसों के इंतजार में गांधीपार्क बस स्टैंड पर मौजूद थीं। इसी तरह के हालात सारसौल बस स्टैंड पर रहे।
ये रहे रविवार दिन के हालात:
- गांधी पार्क और सारसौल बस अड्डे पर दिनभर सवारियों को जमावड़ा रहा। अधिकारियों की पहले से की गई तैयारी काम आई। सवारियों को बसों का इंतजार नहीं करना पड़ा। हालांकि कोरोना काल में सोशल डिस्टेंसिंग के पालन की दुहाई देने वाला रोडवेज विभाग रक्षाबंधन की भीड़ को काबू करने में रविवार को असफल रहा। बसों में सीटों से अधिक सवारियों को बैठाया गया। रात 12 बजे तक रोडवेज ने करीब 510 बसों से 50 हजार मुसाफिरों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। रविवार रात 12 बजे से रोडवेज बसों में महिलाएं के लिए फ्री यात्रा लागू हो गई है। यह सुविधा आज रात 12 बजे तक रहेगी। रोडवेज पिछले साल के 60 हजार महिलाओं को यात्रा कराने के आंकड़े को लेकर इस बार भी काम में जुट गया है। हालांकि कोरोना के चलते अधिकारियों का मानना है कि इस बार कम से कम 30 प्रतिशित सवारियों घटेंगी। वहीं रेलवे स्टेशन पर दिन में भी सन्नाटा पसरा रहा।
दिल्ली, आगरा, मथुरा, मेरठ, बुलंदशहर, कानपुर रूट पर गाड़ियों के फेरे बढ़ाए
आरएम परवेज खान ने बताया कि दिल्ली, आगरा, मथुरा, मेरठ, बुलंदशहर, कानपुर आदि रूट पर गाड़ियों के फेरे बढ़ाए गए हैं। साथ ही बुद्ध विहार और अलीगढ़ डिपो में 20-20 अतिरिक्त बसों को तैनात किया गया है। कर्मचारियों की छुट्टी निरस्त कर दीं गई हैं। यात्रियों की सुविधा के लिये हेल्पलाइन नंबर 18001802877, वाट्सएप नंबर 9415049606, डायल 149 सेवा 24 घंटे कार्यरत रहेगी।
गांधी पार्क बस अड्डे पर शनिवार रात 1:50 पसरा रहा सन्नाटा। - फोटो : CITY OFFICE