श्री जिन मंदिरजी में सुबह साढ़े पांच बजे प्रक्षालनकर्ताओं और साढ़े छह बजे से दस बजे तक दर्शन करने की अनुमति दी गई है। दर्शन और आरती के लिए शाम साढ़े छह बजे से साढ़े सात बजे तक का समय निर्धारित किया गया है।
श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन खंडेलवाल मंदिर पंचायत प्रबंध समिति के अध्यक्ष सुरेश जैन और मंत्री मुकेश जैन ने बताया कि शासन और प्रशासन के नियमों का पालन करना जरूरी होगा। चूंकि जैन धर्म में एल्कोहल युक्त सैनिटाइजर का प्रवेश वर्जित है। इसीलिए फिटकरी का सैनिटाइजर और संक्रमण विरोधी साबुन को रखा गया है। श्रावक और श्राविकाओं (श्रद्धालुओं) को फेस मास्क लगाकर ही आना होगा। अगर किसी को हल्की सर्दी, जुकाम, बुखार की शिकायत वाले लोग मंदिर में प्रवेश न करें। प्रवेश से पहले हाथों को अच्छे से दोना होगा। कोई भी व्यक्ति मंदिर में पूजा नहीं कर सकता है। इसके अलावा उचित दूरी बनाना जरूरी है। स्वाध्याय, माला, जाप आदि घर पर ही करें। मंदिर में किसी भी वस्तु को भी नहीं छूना है। दोनों पदाधिकारियों ने बताया कि यह निर्णय शासन व प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों के क्रम में ही लिए गए हैं। सामूहिक आयोजनों पर रोक रहेगी। इसके साथ ही उन्होंने समाज के लोगों से अनुरोध किया है कि अगर किसी की भावनाओं को ठेस पहुंच रही हो तो वह बुरा न माने। संकट की इस घड़ी में मंदिर की सुरक्षा, समाज की सुरक्षा और परिवार की सुरक्षा जरूरी है। इसीलिए नियमों के साथ ही मंदिर को खोलने की अनुमति दी गई
फिटकरी के पानी का बनाया है सैनिटाइजर
जैन धर्म में एल्कोहल का प्रवेश वर्जित है। ऐसे में प्रबंध समिति ने फिटकरी के पानी का सैनिटाइजर बनाया है। इसी से पूरे मंदिर को सैनिटाइज भी किया गया है। यही वजह है कि प्रवेश के समय स्वदेशी सैनिटाइजर और संक्रमण विरोधी साबुन की व्यवस्था की गई है। अच्छे से हाथ पैर धोने के बाद ही मंदिर के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।
नियमों का पालन न करने वाले श्रद्धालुओं को सालासर बालाजी मंदिर में नहीं मिलेगा प्रवेश
सालासर बालाजी मंदिर में सुबह 6.15 बजे प्रात: आरती, शाम सात बजे संध्या और रात्रि नौ बजे शयन आरती होगी। मंदिर समिति के अध्यक्ष अजय अग्रवाल ने बताया कि मंदिर में प्रवेश से पहले शासन और प्रशासन द्वारा प्राप्त नियमों का पालन करना जरूरी होगा। अन्यथा की दृष्टि में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।