जिला अस्पताल से जारी दुर्घटना की मेडिकल इंजरी रिपोर्ट में ओवरराइटिंग का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण ने इस ओवरराइटिंग पर जब डॉक्टर को दस्तावेज सहित तलब किया तो डॉक्टर नहीं पहुंचा। अब अदालत ने सीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए बृहस्पतिवार को व्यक्तिगत रूप से तलब किया है।
मोटर दुर्घटना प्रतिकर न्यायाधिकरण के पीठासीन अधिकारी की ओर से सीएमओ को जारी नोटिस में कहा गया है कि सासनी गेट विहारी नगर के अनिल बनाम ओपी सहाय संबंधी पत्रावली न्यायाधिकरण में सुनवाई के लिए विचाराधीन है।
इसमें घायल अनिल की मेडिकल इंजरी रिपोर्ट 1 मार्च 2021 को जिला अस्पताल से जारी की गई है। देखने से साफ लग रहा है कि इंजरी रिपोर्ट में कई जगह 28 फरवरी को यह रिपोर्ट बनी है और उस पर ओवरराइटिंग कर 1 मार्च किया गया है।
इसे लेकर 9 दिसंबर को संबंधित डॉक्टर को दस्तावेजों सहित तलबी आदेश भेजा गया। मगर वह नियत तारीख पर नहीं आया। इसके बाद जिलाधिकारी के माध्यम से 16 दिसंबर को तलबी आदेश भेजा गया।
इसके बाद भी न तो डॉक्टर हाजिर हुआ और न सीएमओ स्तर से किसी कार्यवाही से अवगत कराया गया। अब सीएमओ को 23 दिसंबर का व्यक्तिगत रूप से तलब करते हुए कहा है कि आप यह स्पष्ट करें कि क्यों न आपसे कानून के अनुसार 500 रुपये जुर्माना वसूलकर आपनी चरित्र पंजिका में दर्ज कराया जाए।
क्लेम के फेर में मेडिकल इंजरी में ओवरराइटिंग का अंदेशा
यह तो अब डॉक्टर के कोर्ट में हाजिर होने पर ही साफ होगा। मगर अभी तक यह माना जा रहा है कि पीड़ित क्लेम की खातिर डॉक्टरों से सांठगांठ कर यह ओवरराइटिंग कराने का खेल करते हैं। इसमें क्लेम बढ़ाने या बीमा कराने के बाद तारीख बदलने या अधिक चोट दर्ज कराने का खेल होने का अंदेशा है।