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अलीगढ़: शेख अब्दुल्ला आधुनिक भारत में महिला शिक्षा के पितामह थे : कुलपति

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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की सर सैयद एकेडमी और दारा शिकोह सेंटर फॉर इंटरफेथ दो महत्वपूर्ण संस्थान हैं। यह दोनों संस्थान पुस्तकों के प्रकाशन के साथ-साथ जनसंपर्क पर भी ध्यान केंद्रित करें, जिससे समाज को लाभ हो सके। यह बात एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सर सैयद एकेडमी द्वारा आयोजित पुस्तकों के ऑनलाइन विमोचन समारोह के दौरान कही।
समारोह में कुलपति तारिक मंसूर ने मकालात-ए-सर सैयद (मौलाना मोहम्मद इस्माइल पानीपती) भाग एक, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय कैलेंडर-1932, तफहीम-ए-सर सैयद (अल्ताफ अहमद आजमी), शेख मोहम्मद अब्दुल्ला (पापा मियां) (डॉ. मोहम्मद फुरकान), जस्टिस सर शाह मोहम्मद सुलेमान (डॉ. असद फैसल फारुकी) और मौलवी चिराग अली (डॉ. रजा अब्बास) से जुड़ी पुस्तकों का विमोचन किया।
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कुलपति ने कहा कि शेख मोहम्मद अब्दुल्ला को भारत में आधुनिक महिला शिक्षा का पितामह कहा जा सकता है। जनसंपर्क विभाग के एमआईसी प्रोफेसर शाफे किदवाई ने कहा कि मौलाना इस्माइल पानीपती की पुस्तक का प्रकाशन 1955 में हुआ था। जिसमें प्रति लेखकों की गलतियों के कारण कई कमियां थीं। सर सैयद एकेडमी ने विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष में इन त्रुटियों को ठीक करके पुस्तक को दोबारा प्रकाशित किया है। कार्यक्रम में प्रोफेसर अब्दुल रहीम किदवई, सर सैयद एकेडमी के डायरेक्टर मोहम्मद शाहिद, सह कुलपति प्रोफेसर जहीरूद्दीन, प्रोफेसर अली मोहम्मद नकवी आदि ने भी संबोधित किया।
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