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मंदिर मस्जिद को एक साथ चंदे की पेशकश कर मिसाल बन रहा अलीगढ़

Mon, 11 Nov 2019 01:54 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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अयोध्या प्रकरण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को आए हुए सोमवार को दो दिन पूरे हो जाएंगे। इस बीच अलीगढ़ में अमन चैन का माहौल बना रहा। कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। कारण ये कि सभी धर्म और वर्ग के लोगों ने फैसला आने से पहले ही इसे मन से स्वीकार कर लिया था। शांति कमेटियों की बैठक, जिला प्रशासन की सार्थक पहल, पुलिस फोर्स का माकूल इंतजाम इसमें सहयोगी बना।

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कदम से कदम मिलते गए तो बात बनती गई। गौर करने लायक ये भी रहा कि कभी दशकों तक धार्मिक उन्माद का दाग झेलने वाले इस शहर ने इस बार अतिसंवेदनशील अयोध्या प्रकरण पर दरियादिली दिखाई। इसमें पूर्व विधायक जमीरउल्लाह द्वारा मंदिर या मस्जिद निर्माण के लिए सबसे पहले 11 हजार रुपये के चंदे की पेशकश ने भी लोगों को भाईचारे का सफल संदेश दिया। पूर्व विधायक ने फैसला आने से पहले ही एलान किया था कि वहां मंदिर बने या मस्जिद वह सबसे पहले 11 हजार रुपये का चंदा देंगे।

शनिवार को विवादित स्थान पर श्रीरामलला विराजमान का हक होने का फैसला आने के बाद डीएम की शांति व्यवस्था की बैठक में पूर्व विधायक ने दोबारा इसका एलान उसी लहजे में किया, जैसा वह 24 घंटे पहले कर चुके थे। इस पर सांसद सतीश गौतम ने उनसे ठिठोली करते हुए कहा कि विधायक जी.. सस्ते में नहीं छुटोगो..। यानी 11 हजार रुपये कम है। चंदा और बढ़ाना पड़ेगा। इस पर विधायक ने फिर से कहा कि वह पीछे नहीं हटेंगे। सबसे चार कदम आगे ही रहेंगे।
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इन दोनों नेताओं के बीच हुए इस संवाद ने पूरी बैठक का बहुत हल्काफुल्का कर दिया..। चलते चलते विधायक ने फिर से कहा कि वह दुआ करेंगे कि दोबारा इस पूरे देश में ऐसे मुद्दों पर शांति व्यवस्था की बैठक न बुलाई जाए। इसके अलावा और सभी मुद्दों पर बैठक होती रहे और सब एक साथ आते रहेें, लेकिन ऐसे धार्मिक मुद्दे अब सामने न आए। बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, सपा नेता सलमान शाहिद, राजेश सैनी, कांग्रेस नेता सहित कई भाजपा नेताओं ने भी धार्मिक सौहार्द बढ़ाने के लिए ऐसी ही पेशकश की है।

खैर, इस बैठक में ही जिलाधिकारी ने गंगा जमुनी तहजीब के लिए विख्यात अलीगढ़ में अमन चैन कायम रखने के लिए अलीगढ़ सिविल सोसाइटी का गठन करने का एलान किया। सभी धर्मों से जुड़े मुअज्जिज लोगों से सजी यह कमेटी महानगर में अमन चैन कायम रखने में अहम भूमिका निभाएगी। विशेष रूप से त्योहारों के समय निकलने वाले जुलूस आदि के समय रास्ते के विवाद एवं अन्य विवादों को सुलझाने में प्रशासन का सहयोग करेगी।

इस कमेटी के प्रस्ताव को सभी ने स्वीकार किया। डीएम ने बताया कि कमेटी गठन करते समय ध्यान रखा जाएगा कि इससे हिंदू मुस्लिम, सिख, ईसाई समेत अन्य सभी धर्मों के कम से कम दो मुअज्जिज गैर राजनैतिक लोग हों। जो प्रशासन के साथ कदम से कदम मिला कर तात्कालिक विवादों को सुलझाने में भी अहम भूमिका निभाएं।

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