क्वार्सी स्थित निजी हॉस्पिटल में अनियमित रूप से बिजली के उपयोग के मामले में क्वार्सी क्षेत्र के उप खंड अधिकारी (एसडीओ) ई. सतवीर सिंह एवं अवर अभियंता ई. प्रशांत वार्ष्णेय को निलंबित कर दिया गया है। कार्रवाई के विरोध में यूनियन के नेता लामबंद होने लगे हैं।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक अमित किशोर ने विद्युत नगरीय वितरण खंड द्वितीय के ई. उपखंड अधिकारी ई. सतवीर सिंह को निलंबित कर दिया है। उन्हें मुख्य अभियंता कार्यालय आगरा क्षेत्र 2 में संबद्ध कर दिया है। विद्युत नगरीय वितरण मंडल के अधीक्षण अभियंता एसके जैन ने अवर अभियंता प्रशांत वार्ष्णेय को निलंबित किया है।
उनको विद्युत नगरीय वितरण खंड चतुर्थ अलीगढ़ में संबद्ध किया गया है। दोनों अधिकारियों पर क्षेत्र में अधिक भार वाले उपभोक्ताओं के परिसरों में चेकिंग नहीं करने का आरोप है। निजी हॉस्पिटल पर आगरा की विजिलेंस टीम द्वारा 8 नवंबर को छापा मारा गया था।
वहां पर अनियमित रूप से बिजली का उपयोग होता पाया गया था। टीम द्वारा निजी हॉस्पिटल पर 2.03 करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका गया है। निजी हॉस्पिटल में अनियमित रूप से बिजली का उपयोग होता पाया गया था। इसी मामले में एसडीओ एवं जेई को निलंबित किया गया है।
निलंबन के विरोध में जूनियर इंजीनियर संगठन
बिजली विभाग के इंजीनियर एवं कर्मचारी पहले से ही प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोले हैं। एसडीओ एवं जेई के निलंबन के बाद माहौल गरमा रहा है। जूनियर इंजीनियर संघ के नेताओं ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय के समक्ष विरोध प्रदर्शन करने की रणनीति बना रहे हैं।
निलंबन की सूचना मिलने के बाद संघ के पदाधिकारियों की लालडिग्गी पर आपात बैठक हुई। जिलाध्यक्ष प्रवीण शाक्य ने कहा कि दबाव में कार्रवाई हुई है। सोमवार को इसके विरुद्ध प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद भी निलंबन वापस नहीं लिया गया तो कार्य बहिष्कार का निर्णय ले सकते हैं।