अपर नगर आयुक्त राकेश कुमार यादव ने बताया कि जो भी कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, वह आउटसोर्स कर्मी हैं। उनका नगर निगम से सीधा कोई लेना देना नहीं है। यह कंपनी और कर्मचारियों के बीच का मामला है।
अलीगढ़ नगर निगम द्वारा शहर के दो जोन में सफाई के लिए अनुबंधित की गई कंपनी सुखमा के विरोध में 250 से ज्यादा सफाई कर्मचारी 5 जून को विरोध प्रदर्शन के लिए उतर आए। इन्होंने कंपनी के दो शिफ्ट में काम कराने के फैसले के खिलाफ नगर निगम के सेवा भवन कार्यालय में नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।
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प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों की मांग थी कि उन्हें नगर निगम ने कंपनी में स्थानांतरित कर दिया है। उन्हें वापस नगर निगम में लिया जाए। कंपनी पर शोषण का आरोप लगाया। कहा कि क्षमता से ज्यादा काम लिया जाता है। सुपरवाइजर काम करवाने के नाम पर मनमानी करते हैं। प्रदर्शन करने वालों में महिलाएं भी शामिल थीं। महिलाओं की दलील थी कि अभी बच्चों की छुट्टियां चल रही हैं, जब वह स्कूल जाने लगेंगे तो क्या होगा। उनसे सुबह से लेकर शाम तक लगातार काम करवाया जाता है।
प्रदर्शन कर रहे संजीव ने बताया कि हमारा वेतन भी कम है और पीएफ भी नहीं काटा जा रहा है। विशाल चंदेल ने बताया कि करीब 600 कर्मचारी नगर निगम के थे। कर्मचारी पानी पीने के लिए भी जाता है तो उसे दूसरे काम के लिए कहा जाता है। हमारी मांग है कि सभी कर्मचारी नगर निगम के तहत ही काम करेंगे, कंपनी के अंतर्गत नहीं।
जो भी कर्मचारी प्रदर्शन कर रहे हैं, वह आउटसोर्स कर्मी हैं। उनका नगर निगम से सीधा कोई लेना देना नहीं है। यह कंपनी और कर्मचारियों के बीच का मामला है। इसके बाद भी कर्मचारियों की जो समस्याएं होंगी वह हल कराई जाएंगी। - राकेश कुमार यादव, अपर नगर आयुक्त