रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल शुरू होते ही विभागीय अफसरों में खलबली मच गई। आरएम, एसएम, एआरएम, डिपो इंचार्ज आदि माैके पर आ गए। उन्होंने कर्मचारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मचारी कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं हुए। दोपहर में एसीएम प्रथम, सीओ व इंस्पेक्टर बन्नादेवी ने आकर कर्मचारी नेताओं से बातचीत की, लेकिन वे अपनी मांगों पर अडिग बने रहे। देर शाम तक कर्मचारियों का प्रदर्शन जारी था और बसों का संचालन ठप था।
बुद्ध विहार डिपो के चालक-परिचालक के साथ नोएडा में कुछ निजी बस संचालकों द्वारा मारपीट की गई थी। इसके विरोध में कर्मचारियों ने चक्का जाम कर दिया, उनकी कुछ जायज मांगों पर विचार करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद भी समझाने पर भी वे चक्का जाम समाप्त करने के लिए तैयार नहीं हैं। फिर भी उन्हें मनाने का प्रयास किया जा रहा है। चक्का जाम से रोडवेज को करीब 50 लाख रुपये तक का राजस्व का नुकसान हुआ है। हाथरस, कासगंज, अतराैली डिपो की बसों को बुलाकर उन्हें बाईपास से गंतव्य तक चलाया गया,ताकि यात्रियों को परेशानी न हो।- सत्येंद्र वर्मा, रोडवेज क्षेत्रीय प्रबंधक
इन शहरों के लिए नहीं चलीं बसें
अगरा, मथुरा, मुरादाबाद, कानपुर, बरेली, नोएडा, मेरठ, गाजियाबाद, बुलंदशहर, फरीदाबाद, बल्लभगढ़ और लखनऊ के लिए दिन भर बसों का संचालन ठप रहा।