सीएए-एनआरसी विरोधी उपद्रव में 23 फरवरी को ऊपरकोट कोतवाली के पास हुए बवाल के आरोप में जेल में निरुद्ध चार आरोपियों पर डीएम ने बुधवार को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) में कार्रवाई की है। चारों पर देर रात तक रासुका जेल में तामील करा दी गई है। हालांकि, इसमें एक आरोपी मुस्तकीम उर्फ लकी गारमेंट्स एक जून को सेशन कोर्ट से जमानत पाने के बाद दो जून को जेल से रिहा होने के कारण इस कार्रवाई की जद में आने से बच गया।
23 फरवरी को ऊपरकोट कोतवाली के बाहर धरना दे रहीं महिलाओं की भीड़ में शामिल उपद्रवियों द्वारा पुलिस पर हमला किए जाने पर बवाल हुआ था। इस बवाल की आंच बाबरी मंडी तक पहुंची थी और वहां सांप्रदायिक भिड़ंत हुई थी, जिसमें एक युवक की हत्या तक हुई। इस हत्या में भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय जेल में हैं। इसी मुख्य ऊपरकोट बवाल में चार आरोपियों इमरान, अनवार, साबिर उर्फ मिलन, फईमुद्दीन पर रासुका के तहत कार्रवाई की गई है।
बुधवार को दिन में पुलिस रिपोर्ट पर एसएसपी की संस्तुति के बाद डीएम ने की रासुका की कार्रवाई। इसके बाद चारों पर जेल में रासुका वारंट तामील कराया गया। बताया जा रहा है कि अब फिलहाल इनकी रिहाई संभव नहीं। एसएसपी मुनिराज जी ने बताया कि चारों आरोपियों पर रासुका तामील करा दी गई है। इनके विषय में इनपुट था कि अगर यह बाहर आते तो फिर शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास करते। इसके लिए पुलिस व खुफिया रिपोर्ट मिलने पर रासुका की कार्रवाई की गई है।