शैक्षिक सत्र शुरू होते ही ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। कोरोना संक्रमण कम होने पर जब वर्ष 2022 में स्कूल खुले, तब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई। स्कूल में बच्चे आ तो गए, लेकिन उनका व्यवहार बदला-बदला सा था।
दो साल तक कोरोना महामारी की वजह से बच्चों के स्वभाव में बदलाव आ गया है। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, पढ़ाई से दूर भागने जैसी समस्या प्रमुख है। ऐसे में काउंसलर की मदद ली जा रही है। स्कूलों में काउंसिलिंग के जरिये बच्चों से बात कर उनकी समस्याओं को जाना व समझा रहा है। साथ ही समस्याओं को दूर किया जा रहा है।
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मार्च 2020 से कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल बंद हो गए थे। शैक्षिक सत्र शुरू होते ही ऑनलाइन पढ़ाई शुरू हो गई। कोरोना संक्रमण कम होने पर जब वर्ष 2022 में स्कूल खुले, तब ऑफलाइन पढ़ाई शुरू हुई। स्कूल में बच्चे आ तो गए, लेकिन उनका व्यवहार बदला-बदला सा था। स्कूलों में इन बच्चों की काउंसिलिंग भी कराई जा रही है। नए सत्र में भी काउंसलर की मदद स्कूलों में ली जाएगी।
कोरोना काल में जो बड़े बच्चे थे, वह ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे थे, लेकिन छोटे बच्चों के लिए थोड़ा मुश्किल हो रहा था। स्कूल में बच्चों की काउंसिलिंग कराई गई। उनमें लिखने की आदत छूट गई है और बीच में ब्रेक लेकर पढ़ाई कर रहे हैं। - डॉ. पायल सिंह, प्रधानाचार्या, जीडी पब्लिक स्कूल
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कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई का नुकसान हुआ। बच्चों के स्वभाव में बदलाव आया है। बच्चों की आदतें बदलने के लिए अभिभावकों व स्कूल प्रशासन को आगे आना होगा। दिन भर मोबाइल के साथ चिपके रहने से बच्चे चिड़चिड़े हो गए हैं। - शरद कुमार माहेश्वरी, अभिभावक
स्कूल खुलने का इंतजार काफी दिनों से कर रहा था। ऑनलाइन पढ़ाई से अच्छा स्कूल में क्लास में बैठकर पढ़ना था। स्कूल खुलने पर अपने दोस्तों, शिक्षकों से मिला। ऑफलाइन पढ़ाई शुरू होने से बहुत खुश हूं। मेरे दोस्तों में भी काफी उत्साह है। - रूबल वार्ष्णेय, कक्षा दो, श्री राजिंदर सिंह इंटरनेशनल स्कूल