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अलीगढ़ : पिस्टल तस्करी करने के बाद प्रवीन बाजौता बन गया पेशेवर शूटर

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अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
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अलीगंज के लॉजिस्टिक कारोबारी व सीमेंट सप्लायर संदीप गुप्ता हत्याकांड में 72 घंटे की रिमांड पर लिए प्रवीन बाजौता ने आपराधिक इतिहास से जुड़े कई राज उगले। हालांकि रिमांड अवधि पूरी होने से पहले शनिवार शाम उसे जेल में दाखिल कर दिया गया।
इस दौरान उसने जो बताया, उसे सुन खुद पुलिस हैरान है। पिस्टल तस्करी के धंधे से जुड़कर अपराध की दुनिया में कदम रखने वाला प्रवीन कब पेशेवर शूटर बन गया, इसकी जिला पुलिस को भनक तक नहीं लगी। हालांकि, अब पुलिस उसके 35 से अधिक लोगों के गैंग को सत्यापित कर गैंग पंजीकृत करने की कवायद में जुटी है।
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दिल्ली की जेल में बनाया तगड़ा नेटवर्क
गांव में हुई अपने चाचा मुकेश चौधरी की हत्या के बदले कचहरी में होशियार सिंह की हत्या प्रवीन का पहला बड़ा अपराध था। जेल से छूटने के बाद उसने पिस्टल तस्करी का धंधा शुरू कर दिया। उसके संबंध दिल्ली के एक सरदार से हुए।
उसके साथ मिलकर मध्य प्रदेश के धार जिले से प्रवीन पिस्टल तस्करी करता और अपने जिले के अलावा दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी यूपी के अपराधियों को बेचता था। 2019 में दिल्ली स्पेशल सेल ने प्रवीन व सरदार को गिरफ्तार किया। कुछ दिन बाद प्रवीन तो छूट गया, मगर सरदार जेल में बंद है। दिल्ली जेल में रहने के दौरान उसके बड़े गैंगेस्टरों से संबंध बन गए, जिन्हें वह आज तक भुना रहा है।
शरण भी देता है और मदद भी करता है
प्रवीन ने पूछताछ में स्वीकारा है कि वह जेल में बने उन संबंधों को आज भी भुना रहा है। वह जब कभी दूसरे जिले, दूसरे प्रांत के अपराधियों व गैंगेस्टरों को फरारी काटने के लिए अपने यहां शरण देता है। साथ ही उनके किसी अपराध में मदद के लिए रुपये लेकर अपने संपर्क के शूटर भी भेजता है।
उसके पास पश्चिमी यूपी, राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली, एनसीआर के बड़े शूटर संपर्क में हैं। खुद किसी अपराध में कभी जाना उसने नहीं स्वीकारा है। पूछताछ में प्रवीन ने अपने अपराध के साथ-साथ सियासी संबंधों पर भी खुलकर जानकारी दी है। मगर इस विषय में कोई कुछ बताने या नाम उजागर करने से बच रहा है।
होशियार सिंह हत्याकांड में नहीं पकड़े शूटर, इसलिए खुद मारा संदीप को
संदीप हत्याकांड की जब उसने सुपारी ली तो यह काम उसने अलीगढ़ जिला होने के कारण खुद ही करने का मन बनाया। इसके पीछे उसको अंदाजा भी था कि शूटर कम पकड़े जाते हैं। कम ही उनके नाम उजागर होते हैं। वह इस कांड को अंजाम देकर निकल जाएगा।
किसी को पता भी नहीं चलेगा। इसके पीछे की मूल वजह यह भी थी कि होशियार हत्याकांड में खुद उसने दो शूटर बाहर से बुलाए थे, जिनके नाम आज तक उजागर नहीं हुए। ऐसा ही उसने इस कांड को अंजाम देने से पहले माना। मगर सीसीटीवी की जद में खुद आकर फंस गया।
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प्रवीन के गैंग में 35 से ज्यादा नाम, बनेगा टॉप-5 में गैंगचार्ट
पुलिस पूछताछ में प्रवीन ने अपने गैंग में 35 से ज्यादा नाम बताए हैं। इनमें कुछ स्थानीय व कुछ बाहरी हैं। कुछ पेशेवर शूटर और कुछ अन्य तरह के अपराध करने वाले हैं। पुलिस इन सभी नामों को अब सत्यापित करने में जुट गई है। गैंगेस्टर की कार्रवाई के आधार पर प्रवीन का जिले का टॉप-5 सूची का गैंग पंजीकृत किया जाएगा। इस आधार पर बनने वाले ये सभी नाम गैंगचार्ट में शामिल किए जाएंगे।
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