जहरीली शराब कांड में 100 से ज्यादा लोगों की मौत होने के बाद राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने शराब माफिया अनिल चौधरी को पार्टी से निष्कासित कर दिया। इस मामले में अनिल चौधरी जेल में है। अनुशासन समिति ने माना कि उसके इस कृत्य से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा, अनुशासनहीनता में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष सुधीर चौधरी, युवा जिलाध्यक्ष अमित ठेनुआ व जिपं सदस्य प्रदीप चौधरी को नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा गया है।
रालोद की अनुशासन समिति के उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष व पूर्व मंत्री धर्मवीर सिंह बालियान ने शराब माफिया अनिल चौधरी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। उसकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य है। पूर्व मंत्री ने कहा कि अनिल की वजह से पार्टी को नुकसान पहुंचा है। साथ ही पार्टी मृतकों के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट करती है।
धर्मवीर सिंह ने बताया कि पिछले दिनों सुधीर चौधरी पार्टी में शामिल हुए थे। लेकिन उनके द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में भाजपा को समर्थन देने की बात पता चली, जो पार्टी के जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव की मुहिम के साथ विश्वासघात व नुकसान पहुंचाने वाला है। इसलिए पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस भेजा गया है। पार्टी के युवा विंग के जिलाध्यक्ष व जिला पंचायत सदस्य अमित ठेनुआ को भी अनुशासनहीनता में कारण बताओ नोटिस दिया गया है। भाजपा नेताओं को प्रमाण पत्र देते हुए उनका फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इनके अलावा जिला पंचायत सदस्य प्रदीप चौधरी को भी पार्टी ने अनुशासनहीनता में कारण बताओ नोटिस भेजा है, उनका व्यवहार व आचरण जिला पंचायत अध्यक्ष चुनाव को नुकसान पहुंचाने वाला है। जवाब न देने की स्थिति में पार्टी उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करेगी।