। जवां की तरह अकराबाद में भी शराब तस्करों ने शेखा नहर किनारे शराब फेंक दी और लालच में उसे मजदूरों ने उठाकर पी लिया। इसके सेवन से बिहार के दो भट्ठा मजदूरों की मौत हुई है। यह दोनों सिसरोई गांव के तिरुपति ईंट भट्टे पर काम करते थे।
ये लोग बृहस्पतिवार शाम को गांव से गुजर रही नहर में नहाने गए। वहां पर इनको शराब के पऊआ मिले। इन पऊओं में जहरीली शराब थी, जिसे पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के डर से फेंका गया था। इस शराब को यह लोग अपने साथ ले गए, रात को 12 लोगों ने इसका सेवन किया। इससे 10 की हालत बिगड़ी और दो की मौत हो गई। सुबह सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बीमारों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा।
अकराबाद के सिसरोई गांव के तिरुपति ईंट भट्टे पर एसए ईंट मार्का के नाम से ईंटे बनती हैं। इस भट्ठे पर 50 परिवारों के 200 श्रमिक काम करते हैं। इस भट्ठे की ईंटों की थपाई कल्याणपुर गांव के एक खेत में की जाती है। रोजाना की तरह काम खत्म करने के बाद शाम को गांव से सटी नहर में ये लोग नहाने चले गए। मजदूरों के मुताबिक नहर में उनको शराब के पऊए मिले, जिसको वह साथ में ले आए। रात को खाना खाने के दौरान शराब का सेवन 12 महिला व पुरुषों ने मिलकर किया। इससे इनकी तबीयत बिगड़ने लगी। सबसे पहले तिला उर्फ फुलवा देवी की हालत बिगड़ी।
ठेकेदार फेंक गया महिला का शव
मजदूरों के मुताबिक ठेकेदार को इस बात की सूचना दी गई। ठेकेदार मौके पर पहुंचा और फुलवा देवी को इलाज के लिए अपने साथ ले गया। मगर, सुबह फुलवा का शव गांव में लगे मोबाइल टावर के पास मिला। इसकी सूचना पुलिस को हुई। पुलिस मौके पर पहुंची। शव की शिनाख्त कराई तो माजरा जहरीली शराब से बीमार होने के बाद मौत का सामने आया। इधर, धीरे-धीरे कर अन्य 11 लोगों की हालत बिगड़ी तो पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर सभी को जिला अस्पताल भेजा। यहां उपचार के दौरान पेरू पुत्र कमला की भी मौत हो गई। सीओ बरला सुमन कन्नौजिया मौके पर पहुंची। उन्होंने बताया कि शराब की नहर के आसपास तलाश की गई तो झाड़ियों में 15 पऊआ मिले हैं। इन सभी को जब्त किया गया है। सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। संभावना यह है कि पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के डर से इस अवैध शराब की बिक्री करने वाले इसे फेंक कर गए हैं। उनकी तलाश की जा रही है। इधर, आबकारी विभाग की टीम के साथ ही एसडीएम कोल रंजीत सिंह व राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। एसडीएम ने अकराबाद इलाके के सभी ईंट भट्ठों पर शराब का सेवन न करने की मुनादी कराई।
अकराबाद भट्ठे पर मृत मजदूर
- तिला उर्फ फुलवा देवी (48) पत्नी उपेंद्र निवासी बेला, जहानाबाद, बिहार
- पेरू (32) पुत्र कमला निवासी बेला, जहानाबाद, बिहार
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इनकी बिगड़ी तबियत
रामजी, मुकेश, रोहित, लल्लन, पिंकी देवी, हरि सिंह, मंटू, अनीता देवी, सूरजमल, भरत
जवां भट्ठा, छेरत और सासनी गेट में भी तीन मौत
जहरीली शराब से मौतों का सिलसिला रुकता नहीं दिख रहा है। अब तक 103 मौत हो चुकी हैं। जवां के रोहेरा भट्ठा के श्रमिक, छेरत के एक वृद्ध और सासनी गेट इलाके के एक युवक ने भी दम तोड़ दिया। इन तीनों का उपचार चल रहा था। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिवार वालों को सौंपा। जवां के रोहेरा भट्ठा पर शराब पीने से बीमार 20 वर्षीय श्रमिक शिवा पुत्र मिश्रीलाल निवासी जहानाबाद बिहार की सुबह मौत हो गई। उसके पिता की बृहस्पतिवार को मौत हुई थी। इधर, जितेंद्र माहौर (35) पुत्र नेम सिंह माहौर निवासी खिरनीगेट, सासनी गेट का चार दिन से उपचार चल रहा था। बृहस्पतिवार रात करीब एक बजे उसने उपचार के दौरान दम तोड़ा। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, जवां थाना क्षेत्र के छेरत गांव में 28 मई को शराब पीने से बीमार 55 वर्षीय नारायण सिंह चौहान पुत्र सौदान सिंह ने जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया।
- अब तक शराब के सेवन से 35 मौतों की तो पुष्टि है। बाकी में भी अधिकांश में शराब के सेवन से मौत का अंदेशा है। उनकी रिपोर्ट विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आना बाकी है। अब तक 103 शवों के पोस्टमार्टम कराए जा चुके हैं। - डॉ.बीपी कल्याणी सीएमओ