जहरीले शराब कांड में अब तक 89 लोगों की जान जा चुकी है, छह दिन गुजर गए और अभी तक सत्तारूढ़ दल का कोई भी नेता उन गांवों में नहीं पहुंचा, जहां मौत ने तांडव किया। सपाइयों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को इन गांवों में घूमा। शाम को पार्टी कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में सपा जिलाध्यक्ष गिरीश यादव ने कहा कि एक गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर पूर्व सीएम अखिलेश यादव को भेजी जा रही है। जिसके बाद उनके निर्देश पर पार्टी आगे बढ़ेगी। प्रतिनिधिमंडल में अलीगढ़ से पूर्व विधायक अतरौली वीरेश यादव, हाथरस जिलाध्यक्ष एवं एलएससी स्थानीय निकाय जसवंत सिंह, पूर्व एमएलसी असीम यादव, पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह, राष्ट्रीय कार्यकारिणी विनोद सविता, अलीगढ़ जिलाध्यक्ष गिरीश यादव, महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी, पूर्व प्रत्याशी प्रशांत वाल्मीकि शामिल थे। एमएलसी जसवंत सिंह छेरत तक दल के साथ रहे और उसके बाद वापस चले गए।
पीड़ितों से मिलने का क्रम शहर के चंदनिया से शुरू हुआ। जहां पर सपाइयों ने पीड़ितों से पूरा घटनाक्रम सुना। यहां से टीम छेरत, रायट, अंडला और करसुआ गांव पहुंची। वहां पीड़ितों से मुलाकात की। अधिकांश पीड़ित परिजनों ने जिला प्रशासन की लचर कार्रवाई, मुआवजा नहीं मिलने, दबाव बना कर शवों का पोस्टमार्टम कराने जैसे तथ्य उनके सामने रखे। ग्रामीणों ने भी इसकी पुष्टि की। इन गांवों में घूमने के बाद सपाइयों ने 88 लोगों की एक सूची बनाई है, जिनकी जहरीली शराब पीने से मौत हो चुकी है। सपाइयों ने पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह के द्वारा उजागर किए 12 परिवारों की दुखद व्यथा को भी इसमें शामिल किया है। जिनके परिजनों के शव दबाव बना कर दफना दिए गए। ये भी जहरीली शराब पीने से जान गंवा बैठे थे। इस तरह से सपा ने 101 लोगों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा देने, सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई है। ये भी भरोसा दिलाया है कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो मृतकों के एक-एक प्रमुख आश्रित को सरकारी नौकरी दी जाएगी।
पार्टी इस मामले में जो भी बन पड़ेगा सब कुछ करेगी। प्रतिनिधि मंडल सबसे पहले शहर के चंदनिया मोहल्ले में पहुंचा। यहां दानवीर और अशोक नागर के घर पहुंचा और पूरा प्रकरण जाना। पीड़ितों ने बताया कि दोनों ने सरकारी ठेके से शराब ली थी। अभी तक कोई मुआवजा तो दूर अंतिम संस्कार तक का पैसा नहीं दिया।
यहां से दल छेरत पहुंचा और वहां मनोज चौहान, जितेंद्र सिंह, ओमवीर सिंह, हरिओम सिंह, गंगाराम प्रजापति के परिजनों से बात की। पता चला कि शराब पीने के एक घंटे बाद ही उक्त लोगों की आंखों में अंधेरा छाने लगा और उल्टियां आने लगीं। इसके बाद उनकी जान चली गई। चार दिन बाद भी भाजपा का कोई व्यक्ति मिलने तक नहीं पहुंचा। न कोई मदद मिली। कृषक दुर्घटना योजना शराब से मौत होने पर नहीं मिलता है इसलिए अधिकारियों के बयानों पर भरोसा नहीं है। यहां से दल रायट पहुंचा और वहां के वर्तमान प्रधान माजिद अली के घर पर ताहिर खां, हारून खां, सुरेश, अंग्रेज खां, वाहिद खां, मुकेश कुमार, मुनीर खां, आस मोहम्मद के परिजनों को बुलाया। परिजनों ने मुआवजे की मांग की। अंडला में रामनरेश पुत्र डोरीलाल ब्राहमण, नीरज कुमार, धर्मपाल, रामनरेश, देवेश और दशरथ के परिजनों से मिले। करसुआ में रामचरण पुुत्र ओमप्रकाश ब्राह्मण, सतीश ब्राह्मण, दिनेश कुमार पुत्र राधेश्याम ब्राह्मण से मिलने के बाद इस्लामुदद्ीन, सुनील और राजेश के परिजनों से भी मिले।
बदलता रहता था शराब का रेट
दल के साथ गए जिला प्रवक्ता रत्नाकर पांडेय ने बताया कि छेरत के लोगों ने कहा है कि वहां का एक ठेका बहुत चर्चित है। ये ठेका 24 घंटे खुलता था। शाम तक छह बजे तक गुड इवनिंग का पौव्वा 80 रुपये, आठ बजे के बाद 100 और रात दस बजे के बाद 150 रुपये का मिलता था। वहीं पप्पू, सोनेलाल और सोनू का इलाज चल रहा है।