फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तालानगरी की फैक्टरी से बंट रहा था ‘जहर’, कारोबारी सहित दो गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में जहरीली शराब से होने वाली मौतों के लिए मिलने वाला जहर कहीं और से नहीं, बल्कि तालानगरी की स्याही-सेनेटाइजर फैक्टरी से ही दिया गया था। शराब तस्कर 50 हजारी इनामी विकास की सूचना पर पुलिस-आबाकारी व प्रशासन की टीम ने तालानगरी की इस फैक्टरी के संचालक कारोबारी विजेंद्र कपूर व उनके एकाउंटेंट को गिरफ्तार कर फैक्टरी से 40 हजार लीटर मिथाइल अल्कोहल बरामद किया है। साथ ही फैक्टरी को सील कर दिया है। गिरफ्तार दोनों लोगों पर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया है। इस कार्रवाई के दौरान दस घंटे तक चली जांच में फैक्टरी की वैद्यता पर भी सवाल खड़े हुए हैं। सुबह आबकारी प्रयोगशाला भेजे गए सैंपल की जांच में देर शाम यह पुष्टि हो गई है कि जब्त किया गया माल मिथाइल अल्कोहल ही है।
विज्ञापन

आबकारी निरीक्षक अवनीश कुमार पांडेय ने बताया कि एसएसपी की पर टीम ने ताला नगरी के सेक्टर-1 में स्थित मैसर्स वरदान इंक एंड सॉल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड में रविवार रात चेकिंग शुरू की गई। इस दौरान यहां भारी मात्रा में अवैध मिथाइल अल्कोहल मिला। यहीं से शराब बनाने के लिए इसकी आपूर्ति की जाती थी। फैक्टरी में अल्कोहल के 203 ड्रम मिले हैं। जिनमें 40 हजार 600 लीटर माल है। इस दौरान फैक्टरी स्वामी विजेन्द्र कपूर व उसके एकाउंटेट सुमित कुमार ने पूछताछ में कोई ठोस जानकारी नहीं दी। बाद में खबर पर एसडीएम कोल रंजीत सिंह, उप आबकारी आयुक्त, सीओ अतरौली सुदेश गुप्ता आदि आ गए। कई घंटे तक दोनों से पूछताछ चली, मगर वे चुप्पी साधे रहे। बाद में औषधि विभाग व विशेषज्ञों की टीम को मौके पर बुलाया गया। जांच में मिथाइल अल्कोहल, एथाइल एल्कोहल व आइसो पोपाइल केमिकल होना पाया गया। रातभर चली जांच के बाद पांच ड्रमों से 15 नमूने लेकर सोमवार तड़के साढ़े तीन बजे फैक्टरी को सील कर दिया गया और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
आबकारी निरीक्षक अवनीश कुमार पांडेय की ओर से फैक्टरी मालिक विजेन्द्र कपूर पुत्र मोहनलाल कपूर निवासी वैष्णोधाम विद्यानगर रामघाट रोड और एकाउंटेट सुमित पुत्र राकेश शर्मा निवासी ककेथल थाना अतरौली के खिलाफ धारा 272/273आईपीसी तथा 60(ए), 60(1), 62 आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया है। दोनों को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन

एथाइल की जगह बेचा मिथाइल अल्कोहल और हुई मौत
थाना पुलिस के अनुसार वर्षों से इंक बनाने वाली फैक्टरी में जनवरी से वरदान जर्म्स किल नाम से सैनिटाइजर बनाया जा रहा था, जिसके लिए लाइसेंस प्राधिकारी व निदेशक आयुर्वेद सेवाएं लखनऊ से अनुज्ञापन प्राप्त है। मगर उसके प्रोफार्मा पर भी संदेह है। साथ में डी-नेजर स्प्रिट का अधिकार है। मगर यहां सैनिटाइजर बनाने के लिए एथाइल और मिथाइल अल्कोहल का प्रयोग किया जा रहा था। जिसका कोई लाइसेंस आबाकारी से नहीं है। हां, आबकारी से सिर्फ एसडीएस केमिकल उपयोग के लिए एफएल-41 का लाइसेंस है, जो 2022 तक के लिए है, जबकि दिसंबर 2020 से फरवरी 2021 तक 33 हजार लीटर एसडीएस केमिकल का उठान कागजों में दिखाया गया है। वर्तमान में एसडीएस स्टॉक फैक्टरी में शून्य है। यहां मिथाइल और आइसो प्रोपाइल अल्कोहल से सैनिटाइजर का निर्माण अवैध है, क्योंकि इससे मौत हो जाती है। शराब माफियाओं द्वारा अवैध शराब के खरीदे गए एथाइल अल्कोहल के स्थान पर मिथाइल अल्कोहल दे दिया गया, जिसके मिश्रण से बनी शराब ने मौत बनकर जिलेभर में तांडव मचाया।
सैनिटाइजर के निर्माण की आड़ में चल रहा था गोरखधंधा
फैक्टरी से जांच टीम को तीन प्रकार के रसायन बरामद हुए, जिनमें स्प्रिट, इथाइल अल्कोहल और मिथाइल आइसो प्रोपाइल अल्कोहल की टीम ने पुष्टि की। बिना आबकारी लाइसेंस के तीन तीन प्रकार के रसायन का अवैध रूप से भंडारण करना दर्शाता है कि फैक्टरी स्वामी द्वारा सैनिटाइजर की आड़ में शराब माफिया को अवैध रूप से मिथाइल बेचा जा रहा था। साथ में यह भी सही है कि ये घातक रसायन स्याही व अन्य पेंट्स आदि में प्रयोग किए जाते हैं।
- तालानगरी की एक फैक्टरी पर मिथाइल अल्कोहल व अन्य रसायन की बड़ी मात्रा बरामदगी हुई है। इस फैक्टरी के पास आयुर्वेदिक काम करने का लाइसेंस था। यहां सैनिटाइजर बनाने के लिए रसायन भंडारण करने की बात कही जा रही है। पुलिस ने छापा मार माल को सील कर दिया गया है। मामला दर्ज हो चुका है। जांच पड़ताल जारी है। माल पुलिस की केस प्रापर्टी बन चुका है। जो सैंपल सुबह जांच के लिए मेरठ भेजे गए थे, वे मिथाइल अल्कोहल के होने की पुष्टि हो गई है।-आरएस पाठक, पूर्व ज्वाइंट कमिश्नर आगरा।
बरेली से आता था माल, कितना-किसे बेचा पता नहीं
पुलिस पूछताछ में कारोबारी विजेंद्र कपूर ने बरेली से माल आना स्वीकारा है। मगर कितना किसे बेचा, इसकी कोई पुष्टि नहीं है और न रिकार्ड है। पिछले पखवाड़े ही विपिन यादव को 4 डिब्बे मिथाइल के बेचे जाने की बात स्वीकारी है। इससे पहले भी वह यहां से ले जाता रहा है।
रिपोर्ट मिलते ही उद्योग लाइसेंस होगा निरस्त
जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने कहा है कि इस मामले में उन्हें प्रशासनिक रिपोर्ट मिलते ही फैक्टरी का उद्योग लाइसेंस निरस्त किया जाएगा।
फैक्टरी में थी साझेदारी की तैयारी
पुलिस जांच में फैक्टरी में कोई ठोस लाइसेंस या दस्तावेज नहीं मिले। हां, एक ऐसा प्रपत्र मिला है, जिससे साफ होता है कि जल्द ही में किसी को इस फैक्टरी में साझेदार करने की तैयारी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें