आशीष श्रीवास्तव
स्वर्ण जयंती नगर में हाल ही में अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई 1900 वर्ग मीटर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के नाम चढ़ेगी। वर्ष 2006 में यह जमीन प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आई थी, लेकिन एसएलओ की लापरवाही से पिछले 14 वर्षों में न तो यह जमीन प्राधिकरण के नाम चढ़ी और न ही इसका अवार्ड घोषित किया। अब प्राधिकरण ने एसएलओ को पत्र लिखकर यह कार्रवाई करने को कहा है।
स्वर्ण जयंती नगर में हाल ही में प्राधिकरण व नगर निगम की टीम ने राज्य कर्मचारी कॉलोनी से सटी 1900 वर्ग मीटर भूमि से अवैध कब्जा हटवाया था। कुछ भूमाफिया ने जमीन पर कब्जा करते हुए बाउंड्रीवाल बना ली थी। प्राधिकरण ने अतिक्रमण हटवाकर वहां अपने स्वामित्व का बोर्ड लगवा दिया। बाद में कागजों की जांच की गई तो अफसरों के पैरों तले जमीन खिसक गई। उपाध्यक्ष मनमोहन चौधरी ने बताया कि स्वर्ण जयंती नगर में गाटा संख्या 277 की भूमि वर्ष 2006 में प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में आई थी, लेकिन एसएलओ की लापरवाही से यह जमीन अब तक प्राधिकरण के नाम दर्ज नहीं हुई और इसका अवार्ड तक घोषित नहीं हुआ। इसके लिए एसएलओ को पत्र लिख दिया गया है।
राज्य कर्मचारी समिति ने हाईकोर्ट तक की थी पैरवी
राज्य कर्मचारी कॉलोनी से सटी गाटा संख्या 277 की बेशकीमती भूमि पर स्वामित्व के हक को लेकर राज्य कर्मचारी विकास लोक सहकारी आवास समिति हाईकोर्ट तक गई थी। कोर्ट ने स्टे भी दे दिया था। बाद में भूमि की पैमाइश के निर्देश दिए। पैमाइश के बाद समिति का प्रत्यावेदन निरस्त कर दिया गया।