बहुप्रतीक्षित अलीगढ़ की एतिहासिक नुमाइश अब एक महीने बाद होगी। इसकी नई तारीख 5 फरवरी से 2 मार्च तय कर दी गई है। पूर्व में इसकी तारीख 29 जनवरी से 18 फरवरी के बीच तय हुई थी। कोरोना संक्रमण काल, कोरोना के दूसरा स्ट्रेन सामने आने, टीकाकरण कराने, नुमाइश की तैयारियां पूरी नहीं होने के कारण ये फैसला लिया गया है। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने सोमवार को इस पर अपनी मुहर लगा दी है।
गौर हो कि नुमाइश में अभी तक कृषि कक्ष, उद्योग कक्ष, शिल्पग्राम, लाल ताल में कई काम अधूरे हैं। इसके अलावा कई ठेके भी नहीं उठे हैं। इसके अलावा विपक्षी दलों ने भी कोरोना काल में इस आयोजन पर सवाल उठाए थे। इस प्रकरण में सीएम योगी आदित्यनाथ से भी शिकायत की गई थी। जिसके बाद से इस आयोजन को लेकर कयास जारी थे। सोमवार को जिला प्रशासन ने सभी कयासों पर विराम लगा दिया। अब नये सिरे से आयोजन आगामी 5 फरवरी से 2 मार्च तक होगा। इस बीच नुमाइश के प्रमुख रात्रिकालीन कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय हो जाएगी। इसके साथ ही इस अवधि में अलीगढ़ में कोरोना के टीकाकरण का एक बड़ा हिस्सा लगभग पूरा हो चुका होगा। नुमाइश बाबू पीयूष साराभाई ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर नई तारीखों के अनुसार तैयारियों को पूरा कराया जाएगा।