महुआ खेड़ा क्षेत्र के गांव मूसेपुर जलाल में 16 अक्तूबर को दिनदहाड़े पारिवारिक पंचायत में किसान की हत्या के मामले में नया मोड़ आ गया है। इस मामले में मृत किसान के ससुर की याचिका पर न्यायालय ने किसान के परिवार की महिला व उसके बेटे पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
आरोप है कि संपत्ति हड़पने के इरादे से इन लोगों ने साजिश के तहत किसान की हत्या की है। किसान के बेटे को साजिश रचकर पिता की हत्या में जेल भिजवा दिया है। न्यायालय ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश बृहस्पतिवार को दिया है, जो थाने के पैरोकार के जरिये भेज दिया गया है।
ये है इस घटना का फ्लैशबैक
वाकया 16 अक्तूबर 2021 की दोपहर का है। जब गांव मूसेपुर जलाल के खेतों पर नलकूप पर चल रही पारिवारिक पंचायत में गांव के किसान सुनील कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या का आरोप उस समय सुनील के बेटे सूरज पर लगा। कहा गया था कि सुनील अपनी संपत्ति बेचना चाहते थे।
बेटा विरोध करता था और चाहता था कि जमीन उसके नाम कर दी जाए। इसी विवाद के निस्तारण के लिए परिवार ने पंचायत रखी थी और पंचायत में विवाद शुरू होते ही गोली मारकर भाग गया। इस हत्या का मुकदमा मृत किसान सुनील के भतीजे प्रवीण की ओर से दर्ज कराया गया, जिसमें किसान के बेटे सूरज, पत्नी व छोटे बेटे को नामजद किया गया। पुलिस ने घटना वाली शाम ही आरोपी सूरज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। बाकी दोनों अन्य नामजदों को लेकर जांच चल रही है।
अब यह आया नया मोड़
इस मामले में पहले एसएसपी को और फिर सीजेएम न्यायालय में दायर की गई अर्जी में मृत किसान सुनील के ससुर आगरा बरहन क्षेत्र के नगला जगता के राजवीर सिंह ने कहा कि उसके दामाद चार भाई थे, जिनके हिस्से में पिता की 12-12 बीघा जमीन आई। एक भाई के देहांत के बाद उसकी बेवा पत्नी व बेटा सुनील के हिस्से की 12 बीघा जमीन हड़पना चाहते थे।
इसी नीयत से उन्होंने सुनील को अपने शिकंजे में ले रखा था। सुनील अपनी पत्नी व बेटों को छोड़कर अपनी विधवा भाभी के पास ही रहते थे। कुछ लोगों को उनके इर्द-गिर्द शराब पिलाने के लिए रखा जाता था। इस विषय में 10 सितंबर को खुद राजवीर सिंह ने डीएम को शिकायती पत्र दिया था, जिसमें कहा था कि विधवा भाभी व भतीजा जमीन कब्जाना चाहते हैं।
इसलिए सुनील को घेर रखा है। साथ में न्यायालय में सुनील की पत्नी सपना की ओर से सुनील के खिलाफ भरण पोषण का वाद भी दायर कर रखा था। इसी बीच यह भी सामने आया कि सुनील की 6 बीघा जमीन का बैनामा उसके भतीजे ने अपने कुछ दोस्तों के नाम 5 अक्तूबर को कराया, जिसका रुपया चेक से लेना दिखाया।
खुद भतीजा उसमें गवाह बना। मगर वे रुपये नहीं मिले। यह जमीन हड़पने की साजिश का ही हिस्सा था। जब इसका विरोध बेटे व पत्नी ने शुरू किया तो घटना वाले दिन साजिश रचकर सुनील की पंचायत की आड़ में विधवा भाभी, भतीजे व जमीन खरीदने वालों ने मिलकर हत्या कर दी।
उल्टा सुनील के बेटों व पत्नी को फंसा दिया। इस मामले में पीड़ित की ओर से पैरोकारी कर रहे अधिवक्ता नीरज चौहान ने बताया कि सीजेएम न्यायालय ने मामले में राजवीर सिंह की अपील पर महुआ खेड़ा पुलिस को हत्या का दूसरा मुकदमा दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं। बृहस्पतिवार को हुआ यह आदेश थाने के पैरोकार को रिसीव करा दिया गया है।
- इस मामले में अभी न्यायालय का नया आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। जो आदेश मिलेगा, उस पर अधिकारियों से निर्देश प्राप्त कर कार्यवाही की जाएगी। - सुनील कुमार, इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा