एक बैठक में भाकियू भानु के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानुप्रताप सिंह व कार्यकर्ता
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भारतीय किसान यूनियन भानु गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह के किसान आंदोलन से पीछे हटने, संगठन के पदाधिकारियों की सहमति के बिना ही चिल्ला बार्डर से लौटने पर किसान खफा हो गए हैं। संगठन के कई स्थानीय पदाधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसमें जिला महासचिव एवं प्रवक्ता जितेंद्र शर्मा, विधि जिला अध्यक्ष एडवोकेट चेतन सिंह यदुवंशी, एडवोकेट नरेंद्र शर्मा, रजत शर्मा जिला सोशल मीडिया प्रभारी, प्रदीप चौधरी जिला संगठन मंत्री, राजवीर सिंह, अनुराग शर्मा, अभिषेक शर्मा, अशोक शर्मा, पप्पू यादव, अंकुर अग्रवाल, डॉ पंकज वर्मा, डॉ कुशाग्र गौड़ आदि शामिल हैं।
इन सभी ने एलान किया है कि भविष्य में उनके भाकियू भानु से कोई संबंध नहीं होंगे, क्योंकि उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह ने आंदोलन से पीछे हटने का महत्वपूर्ण फैसला बिना रायशुमारी लिए किया है। इसमें उन्होंने पदाधिकारियों की सहमति नहीं ली। इससे साफ जाहिर होता है कि संगठन के अध्यक्ष की मंशा मोदी सरकार के हित में है, किसानों के हित में नहीं। इसलिए ऐसे संगठन से जुड़े रहने का कोई मतलब नहीं है। गौर हो कि हाल ही में लागू हुए तीन नये कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों का धरना प्रदर्शन दिल्ली के चिल्ला बार्डर पर लगातार जारी है।