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चुनाव जो है यहां: खैर को भरपूर खाद, बाकी इलाकों में किसान को बोरी-बोरी का भी इंतजार

Thu, 07 Nov 2024 02:12 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

खैर में उपचुनाव होने हैं। 13 समितियां अकेले खैर विधानसभा क्षेत्र की हैं। यहां के सभी गोदाम डीएपी और एनपीके से फुल हो गए हैं। जबकि चंडौस, गंगीरी, जवां, इगलास, गौरई और पिसावा क्षेत्र की समितियों पर खाद की किल्लत देखी जा सकती है।
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माल गौदाम में मौजूद खाद के बोरे की जानकारी करते कृषि अधिकारी - फोटो : संवाद
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विस्तार
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इस समय भले ही पूरे अलीगढ़ जिले में खाद की किल्लत है लेकिन खैर विधानसभा क्षेत्र की किसी भी समिति पर टोटा नहीं होने दिया जा रहा है। उपचुनाव वाली इस सीट पर सरकारी मशीनरी भरपूर खाद पहुंचा रही है। 6 नवंबर को जिले की 31 सहकारी समितियों पर खाद पहुंचा जिनमें 13 समितियां अकेले खैर विधानसभा क्षेत्र की हैं। यहां के सभी गोदाम डीएपी और एनपीके से फुल हो गए हैं। जबकि चंडौस, गंगीरी, जवां, इगलास, गौरई और पिसावा क्षेत्र की समितियों पर सुबह से ही खाद के लिए किसान लाइन में लग जाते हैं और एक-एक बोरी का इंतजार करते हैं।

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इस समय शासन से लेकर प्रशासन तक की नजर खैर विधानसभा पर है। यहां के छोटे छोटे मुद्दों को भी बड़ी शिद्दत के साथ हल किया जा रहा है। सुबह से लेकर शाम तक इस क्षेत्र में अफसरों की गाड़ियां दौड़ रही हैं। खैर विधानसभा क्षेत्र में हो रहे उपचुनाव के लिए मतदान भले ही 20 नवंबर को होगा लेकिन सरकारी मशीनरी तो यहां हर रोज इम्तिहान दे रही है। इस समय गेहूं और आलू की बुवाई के लिए खाद की बढ़ती मांग मशीनरी को भी बेचैन किए हुए है।

यूं तो इस समय जिले की 111 सहकारी समितियों से खाद का वितरण हो रहा है लेकिन अफसरों का पूरा फोकस खैर विधानसभा क्षेत्र की समितियों पर है। खाद आवंटन के आंकड़े भी यही बता रहे हैं। 6 नवंबर को 600 मीट्रिक टन खाद का आवंटन जिले भर की समितियों के लिए हुआ है जिसमें सर्वाधिक 234 मीट्रिक टन खाद अकेले खैर विधानसभा क्षेत्र को दिया गया है। लगातार तीन दिनों तक यहां की समितियों को खाद भेजने का प्लान तैयार किया गया है।

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समितियों पर वसूले जा रहे पांच रुपये अतिरिक्त

अलीगढ़ जिले की कई समितियों पर खाद पर पांच रुपये अतिरिक्त वसूले जा रहे हैं। डीएपी की बोरी 1350 रुपये की है लेकिन कई समितियों पर 1355 रुपये तक में दी जा रही है। एनपीके की बोरी 1200 रुपये की है लेकिन 1205 में दी जा रही है। किसानों का कहना है कि अगर अधिक मूल्य को लेकर विरोध करते हैं तो खाद दिया तक नहीं जाता। अफसरों से भी इसकी शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। वहीं एआर कोआपरेटिव कृष्ण कुमार का कहना है कि खाद की बोरी की कीमत तय है। अगर कोई तय कीमत से अधिक दाम वसूलेगा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।

किसानों का दर्द: घंटों लाइन में लगने के बाद भी लौट रहे खाली हाथ
किसानों का कहना है कि उन्हें खाद के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। तीन से चार घंटे लाइन में लगने के बाद भी खाली हाथ लौट आते हैं। जबकि कई दफा किसानों ने अफसरों के सामने यह दिक्कत रखी है। गोरई गांव के रविकरन, मानसिंह, ललित शर्मा ने बताया कि खाद का बड़ा संकट है। कई कई दिनों तक चक्कर लगाने के बाद भी समिति पर खाद का एक बोरा नहीं मिल पा रहा है।

इगलास क्षेत्र के गांव कांडली निवासी अशोक शर्मा, मौजीपुर निवासी सुनील कुमार, जटवार के अजय कुमार और इगलास के नीरू पंडित ने बताया कि समितियों पर खाद मिल नहीं रहा और प्राइवेट दुकानों पर खाद महंगा बिक रहा है।
पिसावा क्षेत्र के लालगढ़ी निवासी राधाचरन, पलसेड़ा के पप्पन, मढ़ाहबीबपुर के लाला और दरगवां के बच्चू सिंह का कहना है कि समितियों से भी खाद उन्हें ही मिल रहा है जिनकी सचिव से रिश्तेदारी है।

चंडौस क्षेत्र के गांव जहराना निवासी प्रेम सिंह और श्याम सिंह का कहना है कि खाद वितरण की व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है।गंगीरी क्षेत्र के गांव शेरपुर निवासी नत्थू सिंह और रमेश चंद्र ने बताया कि खाद न मिलने से आलू की बुवाई भी पिछड़ रही है। खेत तैयार है लेकिन बुवाई नहीं कर पा रहे हैं।
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सभी पार्टियां खाद के लिए समितियों के सचिव पर बना रहीं दबाव

खैर विधानसभा में हो रहे उपचुनाव में सभी पार्टियां पूरी ताकत के साथ लगी हैं। क्योंकि इस समय गेहूं और आलू की बुवाई हो रही है लिहाजा खाद का हल्ला मचा हुआ है। पार्टी प्रत्याशी तो किसानों को खाद उपलब्ध कराने के लिए समितियों के सचिव पर दबाव बना ही रहे हैं पार्टियों के नेता भी अधिकारियों को पत्र भेजकर किसानों को तत्काल खाद उपलब्ध कराने को कह रहे हैं। जिला सहायक निबंधक पर ही इस समय हर रोज आठ से दस पत्र खाद को लेकर पहुंच रहे हैं। इसमें सत्ता पक्ष के साथ ही सपा, बसपा और कांग्रेस के नेता भी शामिल हैं। समिति से जुड़े एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस समय चुनाव को लेकर सभी पार्टियां किसानों की आवाज उठा रही हैं। अगर किसी समिति पर भी खाद खत्म होता है तो तत्काल सभी दलों के लोग फोन करने लगते हैं।

समितियों पर पहुंच रहीं नेताओं की गाड़ियां
इस समय अधिकांश सहकारी समितियों पर नेताओं की गाड़ियां नजर आ रही हैं। सपा, बसपा, कांग्रेस, भाजपा और रालोद नेताओं के वाहन दिख ही जाते हैं। जैसे ही किसान खाद की किल्लत के लिए फोन करते हैं यह लोग तत्काल पहुंच जाते हैं। खैर विधानसभा से जुड़े इलाकों में इन दिनों यह ज्यादा देखने को मिल रहा है। कुछ पार्टियों के नेता तो सीधे समितियों पर खड़े होकर अपने सामने ही खाद का वितरण कराने लगते हैं। ऐसे में एक पार्टी के नेता को देखकर वहां दूसरे दल के लोग भी पहुंच जाते हैं।

579 मीट्रिक टन डीएपी वितरण् के लिए भेजी
मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह ने बताया कि वीरवार को 579 मीट्रिक टन डीएपी एवं 18 मीट्रिक टन एनपीके का वितरण कराया जाएगा। इसके साथ ही 522 मीट्रिक टन डीएपी वीरवार को भेजी जाएगी जिसका वितरण शुक्रवार को किया जाएगा। अगले तीन दिन में लगभग 1550 मीट्रिक टन डीएपी (31000 बैग) विभिन्न सहकारी समितियों पर भेजकर वितरण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने किसानों से अपील की है कि डीएपी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है, इसलिए डीएपी का अनावश्यक स्टॉक न करें।
579 मीट्रिक टन डीएपी वितरण के लिए भेजी

जिला कृषि अधिकारी धीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि खैर, गिडौरा, ढ़ाटौली, रेसरी, पलसेड़ा, हरदुआगंज, दतावली, भोपतपुर, मादक, मालव, भैया, अतरौली एन व अतरौली एस, बीलपुरा, भुकरावली, नहल, पिसावा, सोमना-2, चण्डौस, गोंडा, शिवाला में 18-18 मीट्रिक टन, वैना में 27 मीट्रिक टन, बाजार जट्टारी, बाजार जिरौली, बाजार खैर, इगलास इफको व केवीएसके धनीपुर पर 20-20 मीट्रिक टन, धनीपुर, जुलूपुर सिंहौर पर 25-25 मीट्रिक टन एवं नाया में 25 मीट्रिक टन समेत कुल 579 मीट्रिक टन डीएपी एवं 18 मीट्रिक टन एनपीके इगलास में वितरण के लिए भेज दी गई है।

उन्होंने बताया कि जिले में इफको के पांच बिकी केंद्रों खैर, जट्टारी, गोंडा, इगलास एवं जिरौली धूमसिंह पर भी डीएपी का वितरण सात नवंबर को किया जाएगा। धनीपुर क्षेत्र में सहकारी समिति धनीपुर, जुल्लुपुर सिहौर, भोपतपुर पर पर्याप्त मात्रा में डीएपी पहुंचा दी गई है। धनीपुर मंडी केंद्र के अतिरिक्त तीन केंद्रों से भी किसान वीरवार को डीएपी ले सकते हैं।
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