यूपी बैंक एम्पलाइज यूनियन की अलीगढ़ इकाई की त्रिवार्षिक साधारण सभा की बैठक रविवार को श्री वार्ष्णेय डिग्री कॉलेज के लाइब्रेरी हॉल में हुई। सुनील मेहरोत्रा की अध्यक्षता में हुई बैठक में वर्ष 2021 के आय-व्यय एवं पिछली कार्यकारिणी की कार्रवाई को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यहां 21 जुलाई को संसद भवन पर धरना देने की घोषणा भी की गई।
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीयकृत बैंकों ने देश की अर्थव्यवस्था और उन्नति में बहुत सहयोग किया है। अब बैंकों को बेचकर उद्योगपतियों के हाथों में दिया जा रहा है। जिन्होंने बैंकों से ऋण लेकर चुकता ही नहीं किया और बैंकों को डुबोने का काम किया है। इससे जनता की कमाई का धन लूटा गया है। वीके शर्मा ने कहा कि सरकार बैंकों के निजीकरण को लेकर आगामी संसद के मानसून सत्र में बिल प्रस्तुत करने जा रही है, ऐसी जानकारी मिली है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन ने इसके विरोध में 21 जुलाई को संसद के बाहर एक दिवसीय धरना देने का निर्णय लिया है। जिस दिन बैंकों के निजीकरण संबंधी बिल को प्रस्तुत किया जाएगा। उसी दिन देशभर में हड़ताल शुरू की जाएगी। बैंक अधिकारी और कर्मचारी बैंकों के निजीकरण का पूरी ताकत से विरोध करेंगे। बैंकिंग क्षेत्र के साथ ही देश का आर्थिक चक्का जाम कर देंगे। चुनाव अधिकारी ललित शर्मा की देखरेख में यूपी बैंक एम्प्लाइज यूनियन की अलीगढ़ इकाई के पदाधिकारियों का त्रिवार्षिक चुनाव संपन्न हुआ।
यह है नई कार्यकारिणी
अध्यक्ष सुनील मेहरोत्रा, उपाध्यक्ष अजयपाल सिंह, सोमवीर सिंह, हिमांशु वार्ष्णेय, जिलामंत्री जितेंद्र कुमार, संयुक्त मंत्री प्रदीप चौहान, कोषाध्यक्ष देवेंद्र कुमार, संगठन मंत्री निखिल कुमार, भूपेंद्र सिंह राजपूत, नवीन यादव, सहायक मंत्री राजकुमार, एनपी सिंह, नितिन शर्मा, मोहित उपाध्याय, मुस्तकीन अहमद, ब्रह्म प्रकाश उपाध्याय, सुभाष नागर, राकेश कुमार, नवीन कुमार गौतम, अभिषेक उपाध्याय, नरेश कुमार, ऑडिटर मनोज कुमार, कार्यालय मंत्री अनिल कुमार शर्मा, बैंक संयोजिका महिला प्रकोष्ठ अंतरा अरोरा, उप संयोजिका सविता सिंह को चुना गया।