महुआ खेड़ा क्षेत्र में बोरना स्थित 45वीं वाहिनी पीएसी परिसर में शनिवार देर रात सिपाही ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। उसके इस कदम के पीछे वजह बीमारी से तंग होना और तनाव में होना बताया गया है। परिवार ने किसी तरह के आरोप नहीं लगाए हैं। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।
मूल रूप से मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र के मोती नगर के 30 वर्षीय प्रदीप 45वीं वाहिनी पीएसी में सिपाही के पद पर तैनात थे। शनिवार रात करीब 9 बजे प्रदीप ने पीएसी परिसर में ही अपने क्वार्टर के पीछे पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर बाद जब साथियों ने शव पेड़ पर लटका देखा तो दंग रह गए। खबर पर अधिकारी मौके पर पहुंच गए और महुआ खेड़ा पुलिस भी बुला ली गई। खबर देकर मथुरा से परिजन भी बुलाए गए।
इंस्पेक्टर महुआ खेड़ा सुनील कुमार के अनुसार, परिवार की मौजूदगी में रात में पोस्टमार्टम कराया गया। परिजनों ने किसी तरह की तहरीर नहीं दी है। सिपाही प्रदीप के कमरे से तमाम दवाइयां मिली हैं। परिवार ने भी यह बात स्वीकारी है कि वह लीवर संक्रमण से परेशान थे। इसे लेकर वह चिड़चिड़े और तनाव में रहते थे। अंदेशा है कि इसी तनाव के चलते खुदकुशी की होगी। बाकी मामले में जांच की जा रही है। फिलहाल शव परिजन अपने साथ मथुरा ले गए हैं।