रामघाट रोड स्थित आवर लेडी ऑफ फातिमा स्कूल के सामने व एडीए कार्यालय के पास वाली जमीन से कब्जे से बेेदखल किए गए पीड़ितों ने एडीए की कार्रवाई को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा है कि इस भूखंड का स्वामित्व उनके पास है। पीड़ितों के अनुसार ग्राम किशनपुर के गाटा संख्या 16 एवं 10/2 का भाग है। प्राधिकरण द्वारा पूर्व में अधिग्रहण से मुक्त रखी गया था। इस भूमि का क्षेत्रफल 3295.92 वर्ग मीटर है। इस भूखंड पर भल्ला ट्रैक्टर का शोरूम व कार्यशाला, एडीए कॉलोनी के लिए छोड़ा गया मार्ग, मोहता सीमेंट एजेंसी एवं भवन निर्माण सामग्री की दुकान के अलावा ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त, एलआईसी बिल्डिंग व अन्य भवन शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इस भूखंड को अधिग्रहण से मुक्त रखने की स्वीकृति उत्तर प्रदेश शासन ने वर्ष 2003 में दे दी थी।
अपर जिला जज ने भूखंड धारक के पक्ष में वर्ष 2007 में वाद निर्णित किया गया था। जिसके विरुद्ध अलीगढ़ विकास प्राधिकरण ने उच्च न्यायालय में एक अपील दायर की गई है जो अभी तक विचाराधीन है। आरोप है कि छह अप्रैल 2022 को अलीगढ़ विकास प्राधिकरण द्वारा इस भूमि पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई और भूखंड पर दीवार का निर्माण कर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्राधिकरण ने मंडलायुक्त को कार्रवाई के संदर्भ में भेजी आख्या पूर्णतया गलत है। उन्होंने कहा है कि यह भूमि 1980 से पूर्व से ही उनकी है। 1983 में अलीगढ विकास प्राधिकरण द्वारा भूअर्जन के लिए प्रस्तावित की गई। इसमें एक समझौता हुआ था, जिसमें इस भूखंड को अधिग्रहण से मुक्त रखा गया था।