पांच जून को संपूर्ण क्रांति दिवस पर भाजपा विधायक कोल व छर्रा विधायक द्वारा किए व्यवहार से भाकियू स्वराज के कार्यकर्ताओं में आक्रोश है। उन्होंने एलान किया है कि इसका बदला आगामी चुनावों में चुकाएंगे।
मामले में जिरौली कार्यालय पर हुई पंचायत में भाकियू स्वराज के राष्ट्रीय सचिव ओबीसी मोर्चा डॉ. शैलेश यादव ने बताया कि पांच जून को संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा किए गए राष्ट्रीय आह्वान पर भाकियू स्वराज द्वारा विधायक आवासों पर कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गई। कार्यकर्ता विधायक कोल के आवास पर पहुंचे। पदाधिकारियों को बताया कि विधायक नहीं है। विधायक के आवास पर किसी ने भी सुनवाई नहीं की।
भाजपा के छर्रा विधायक के आवास पर पहुंचे भाकियू स्वराज के पदाधिकारियों ने कृषि कानून वापसी के नारे लगाए साथ ही प्रतियां जलाई। जब विधायक छर्रा से मुलाकात की तो उन्होंने अपने आवास के बाहर सड़क पर ही किसानों से बात की। उनसे अनुरोध किया कि वह क्षेत्र के किसानों की मांग प्रधानमंत्री को बताएं तो वह भड़क गए। कहने लगे मेरे पास 450 बीघा जमीन है। मुझे परेशानी नहीं है तो तुम्हें क्यों हो रही है। डॉ. अवधेश यादव ने कहा कि विधायक कहते हैं कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। पदाधिकारियों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि विधायकों को सबक सिखाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अवगत कराया जाना चाहिए। आगामी समय में भाकियू (स्वराज) जन जन तक गांव गांव जागृति मार्च निकालकर अहंकारी जन प्रतिनिधियों को सबक सिखाया जाएगा। विधायक किसानों से किए अनुचित व्यवहार के लिए माफी मांगे। इस मौके पर जिला अध्यक्ष सुनहरी यादव ओबीसी मोर्चा, शिवकुमार तहसील उपाध्यक्ष, विकास यदुवंशी छात्र सभा जिलाध्यक्ष, सत्येंद्र सिंह,कालू सिंह, सुल्तान सिंह, कुलदीप यादव आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।