जिला पंचायत की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी ठाकुर जयवीर सिंह का तीर एक दम निशाने पर लगा है। जिला पंचायत अध्यक्ष पद से चौधरी सुधीर सिंह के पीछे हटने की चर्चा से जिले की राजनीति में हलचल है। माना जा रहा है कि सुधीर के पीछे हटने से एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की समधन विजय सिंह का जिला पंचायत अध्यक्ष पद तक पहुंचना आसान हो गया है। सुधीर सिंह को आगे कर भाजपा को चित करने की कोशिश कर रहे विरोधी दल के नेताओं की नींद उड़ गई है।
पूर्व मंत्री एवं एमएलसी ठाकुर जयवीर सिंह के जलालपुर स्थित फर्म हाउस पर पिछले तीन दिन से बैठकों का दौर चल रहा है। ठाकुर जयवीर सिंह के आग्रह पर चौधरी सुधीर सिंह ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद के दावे से पीछे हटने का संकेत दे दिया है। उनकी पत्नी अंजू देवी अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार मानी जा रही थीं। इस बात को स्वयं ठाकुर जयवीर सिंह भी स्वीकार रहे हैं। भाजपा ही नहीं बल्कि सपा, बसपा एवं रालोद में भी यह बात पहुंच गई है। चौधरी सुधीर सिंह को आगे कर भाजपा को पटकनी देने की तैयारी कर रहे विरोधी दल के नेताओं की नींद उड़ गई है।
चुनाव परिणाम पर एक नजर
जनपद में जिला पंचायत के कुल 47 सदस्य हैं। किसी भी दल को अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए कम से कम 24 सदस्यों का साथ चाहिए। भाजपा समर्थित 9 सदस्य हैं। बागी बने भाजपा के छह सदस्य चुनाव जीतकर आए हैं। सपा के 6, बसपा एवं रालोद के 5-5 और भीम आर्मी से एक सदस्य निर्वाचित हुए हैं। 22 निर्दलीय हैं, जिसमें 6 भाजपा के बागी भी शामिल हैं। चुनाव परिणाम से स्पष्ट है कि किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत हासिल नहीं है। सपा, बसपा एवं रालोद मिल भी जाएं तो बिना निर्दलीय सदस्यों का सहारा लिए कुर्सी तक नहीं पहुंच सकते हैं। विरोधी दल के नेता चौधरी सुधीर सिंह को आगे कर भाजपा को चित करने की तैयारी कर रहे थे। चौधरी सुधीर की पत्नी अंजू देवी अध्यक्ष पद की प्रबल दावेदार बन कर सामने आई थीं। फर्म हाउस की राजनीति से अनुमान तो यही लगाया जा रहा है कि विरोधी दल के नेताओं के हाथ से उनके निर्वाचित सदस्य भी निकल गए हैं।
जिला पंचायत की राजनीति का केंद्र है जलालपुर फर्म हाउस
पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह जिला पंचायत की राजनीति के दिग्गज खिलाड़ी हैं। 15 वर्ष से जिला पंचायत की राजनीति पर पकड़ बनाए हुए हैं। वर्ष 2005 में रामसखी कठेरिया, 2010 में चौधरी सुधीर सिंह एवं 2015 में भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठाने में सफल रहे। अब वह एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया की समधन विजय सिंह को अध्यक्ष पद की कुर्सी पर बैठाने का प्रयास कर रहे हैं। खास बात यह है कि रामसखी कठेरिया, चौधरी सुधीर सिंह एवं उपेंद्र सिंह नीटू को अध्यक्ष पद पर बैठाने के लिए जलालपुर स्थित फर्म हाउस पर ही रणनीति बनी थी।
मेरे आग्रह पर चुनाव से पीछे हट गए हैं सुधीर : जयवीर
पूर्व मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने स्वीकार किया कि उनके फार्म हाउस पर पिछले तीन दिन से बैठक चल रही है। उन्होंने कहा कि चौधरी सुधीर सिंह छोटे भाई की तरह हैं। मेरे आग्रह पर वह चुनाव से हट गए हैं। जिला पंचायत के निर्वाचित 40 सदस्य हमारे साथ है। विजय सिंह निर्विरोध जिला पंचायत की अध्यक्ष निर्वाचित हाेंगी।
प्रिय मित्र की मृत्यु से सुधीर आहत
जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष चौधरी सुधीर सिंह ने कहा कि प्रिय मित्र कैप्टन अजय की आज मेदांता में उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। मैं अभी उसी में लगा हूं। मानसिक रूप से बातचीत करने की स्थिति में नहीं हूं। मैं चुनाव से संबंधित बातचीत बाद में करूंगा।