कोरोना काल में उप्र रोडवेज परिवहन निगम को भी आर्थिक झटका लग रहा है। अलीगढ़ परिक्षेत्र (मंडल) में रोडवेज की 680 बसें संचालित हैं। सामान्य दिनों में हर दिन करीब दो लाख यात्री सफर करते थे। मगर, अब यह संख्या सिर्फ 60 हजार के करीब है। इससे रोडवेज को हर दिन करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। इसका सबसे अधिक असर संविदा पर तैनात चालक-परिचालकों पर पड़ा है। उनको 1.50 रुपया प्रति किलोमीटर के हिसाब से पैसा मिलता है। मगर, मई माह उनको ड्यूटी नहीं मिली है, इससे उनके खाते में एक भी रुपया दर्ज नहीं हो सका है। अभी तक यह भी सुनिश्चित नहीं हो सका है कि मई में उनको विशेष वेतनमान मिलेगा या फिर बेरोजगारों की तरह हाथ पर हाथ रखे बैठना पड़ेगा।
मई से जुलाई तक माना जाता है सीजन
रोडवेज के अधिकारियों ने बताया कि अप्रैल में स्कूलों की छुट्टियां होने के बाद व मई, जून में शादियों का सीजन शुरू होने से रोडवेज को अच्छी तादाद में सवारियां मिलती थीं। मई से लेकर जुलाई माह तक अच्छी कमाई होती थी। मगर, इस साल कोरोना के चलते सब कुछ चौपट हो गया। बीते साल भी इसी प्रकार से नुकसान हुआ था।
24 मई के बाद कोरोना कर्फ्यू बढ़ा तो सरेंडर की जाएंगी बसें
अधिकारियों के मुताबिक रोडवेज बसें नुकसान में संचालित हो रही हैं। इसको लेकर 24 मई पर निगाहें टिकी हुई हैं। अगर, 24 मई के बाद भी कोरोना कर्फ्यू बढ़ाया जाता है तो निगम बसों को सरेंडर करने की तैयारी में है। बसों को सरेंडर परिवहन विभाग को किया जाता है। सरेंडर किए जाने के बाद निगम को बसों के संचालन का टैक्स शासन को जमा नहीं करना पड़ता। एक बस का करीब 4 हजार रुपये माह का टैक्स बनता है।
निजी बस संचालकों ने किया सरेंडर
अलीगढ़ के एआरटीओ प्रशासन रंजीत सिंह ने बताया कि परिवहन विभाग में सिर्फ अलीगढ़ की ही 160 से अधिक निजी बसें सरेंडर हो चुकी हैं। व्यावसायिक वाहन स्वामी टैक्स से बचने के लिए सरेंडर कर रहे हैं। इससे विभाग को हर माह एक करोड़ रुपये के करीब के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
एक नजर आंकड़ों पर
680 रोडवेज बसें अलीगढ़ मंडल में संचालित
380 रोडवेज बसें अलीगढ़ जिले में संचालित
2 लाख यात्री औसतन प्रतिदिन सामान्य दिनों में करते थे सफर
80 लाख रुपये की औसतन प्रतिदिन होती थी टिकट बिक्री
20 लाख रुपये औसतन टिकट बिक्री प्रतिदिन हो रही है इस समय
60 हजार यात्री प्रतिदिन विशेष परिस्थितियों में बसों में कर रहे सफर
कोरोना काल में 2020 के बाद 2021 में भी रोडवेज को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हर दिन पूरे मंडल में करीब 60 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है।
- यूपी सिंह, एआरएम फाइनेंस