अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज में स्थित ट्रामा सेंटर में लगातार ऑक्सीजन आपूर्ति की कमी को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने अब एएमयू के पूर्व छात्रों कर्मचारियों और शुभचिंतकों से अपील की है कि वह स्थिति में सुधार लाने के लिए आगे आएं, जिससे ट्रामा सेंटर में ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
शनिवार को जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी की ओर से एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें कहा गया है कि ट्रॉमा सेंटर में ऑक्सीजन की आपूर्ति की व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। इस संबंध में वह जिला प्रशासन से ऑक्सीजन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार विचार विमर्श कर रहे हैं।
उन्होंने नोटिस में कहा है कि विश्वविद्यालय के पास फंड की कोई समस्या नहीं है, लेकिन लगातार ऑक्सीजन मिलते रहना बहुत आवश्यक है। उन्होंने अलीग बिरादरी से अपील की है कि विश्वविद्यालय के सभी पूर्व-छात्र, मौजूदा और पूर्व कर्मचारी, शुभचिंतक, सक्षम लोग आगे आएं और मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति के लिए कदम बढ़ाए।
प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर में प्रतिदिन डेढ़ सौ से 200 मरीज आ रहे हैं। इसमें से 150 मरीज को बेड पर ऑक्सीजन दी जा रही है। मरीजों की कोरोना वायरस संक्रमण के संबंध में जांच की जाती है, जो जांच में पॉजिटिव पाए जाते हैं उनको आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। वह कहते हैं कि अभी स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आगे कोई जटिल स्थिति पैदा ना हो, इसके लिए अभी से उपाय किए जाने आवश्यक हैं।
एएमयू प्रोफेसर नबी अहमद का निधन
अलीगढ़। शनिवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एक और शिक्षक की कोरोना वायरस संक्रमण के चलते मृत्यु हो गई। विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग के प्रोफेसर नबी अहमद संक्रमण से ग्रस्त चल रहे थे। इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति स्वर्गीय महमूद उर रहमान की पत्नी अफशां रहमान का भी कोरोना वायरस संक्रमण के चलते दिल्ली के जामिया हमदर्द में निधन हो गया। एएमयू के पूर्व छात्र और गालिब इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. सैयद रजा हैदर का भी कोरोना से दिल्ली में निधन हो गया। इस तरह पिछले कुछ दिनों में एएमयू से जुड़ी एक दर्जन से अधिक हस्तियों का कोरोना वायरस संक्रमण के चलते निधन हो गया है।