कोरोना की दूसरी लहर में अलीगढ़ मंडल में सबसे अधिक अलीगढ़ जनपद प्रभावित हुआ है। इससे यहां के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। जांच, उपचार, निगरानी एवं टीकाकरण का फार्मूला अपनाकर कोरोना के प्रसार को रोकने का प्रयास किया जा रहा है।
कोरोना वायरस की दूसरी लहर से सबकी चिंता बढ़ गई है। मंडल की बात करें तो कोरोना की दूसरी लहर से सबसे अधिक प्रभावित अलीगढ़ जनपद है। वर्तमान में यहां 102 सक्रिय मरीज हैं। रविवार तक एटा में 44, कासगंज में 16 और हाथरस में 9 सक्रिय मरीज थे। मंडल स्तर पर समीक्षा कर संक्रमण को रोकने के लिए जांच, उपचार, निगरानी, टीकाकरण एवं जन जागरूकता के फार्मूले पर काम किया जा रहा है।
मंडलीय सर्विलांस अधिकारी डॉ. देवेंद्र कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि यह सही है कि मंडल में सबसे अधिक सक्रिय केस अलीगढ़ में है। यह भी सही है कि प्रदेश के कुछ दूसरे शहरों की तुलना में यहां संक्रमण की रफ्तार बेहद कम है, जो राहत की बात है। उन्होंने कहा कि जांच, निगरानी, उपचार एवं टीकाकरण के माध्यम से ही दूसरी लहर को रोका जा सकता है। साथ ही संक्रमित के संपर्क में आए अधिक से अधिक लोगों की चिन्हित किया जा रहा है। उपचार एवं टीकाकरण पर विशेष ध्यान है। उन्होंने बताया कि दूसरी लहर को जनजागरूकता से ही इसे रोका जा सकता है। मास्क, दो गज की दूरी, स्वच्छता एवं टीकाकरण के हथियार से ही इस लड़ाई को जीता जा सकता है।