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मुसलमान एकजुट हों : कल्बे जव्वाद

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मौलाना कल्बे जव्वाद - फोटो : CITY OFFICE
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शिया धर्म गुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि मुसलमान मुश्किल दौर से गुजर रहा है। उसके साथ कोई सियासी पार्टी नहीं है। सभी पार्टियों ने उसे धोखा दिया है। पार्टियां केवल उनके साथ होने का ढिंढोरा पीटती रहीं।
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बुधवार को मौलाना जव्वाद एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने अलीगढ़ आए थे। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को अगर चुनाव में प्रत्याशी बनाया जाता है तो वह केवल प्रत्याशी रहे, न कि पार्टी का गुलाम बने। वह हट जाए तो पार्टी सत्ता से बाहर हो जाए। प्रत्याशियों को मुसलमानों का हमदर्द होना चाहिए। उन्होंने योगी आदित्यनाथ का हवाला दिया, जब उन्होंने मुख्यमंत्री पद की दावेदारी करने के दौरान क्षत्रिय एकजुटता की बात की थी। मजबूरन भाजपा को उन्हें मुख्यमंत्री बनाना पड़ा था। उस जगह मुसलमान को आना होगा, क्योंकि उनकी एकजुटता से सरकार बन व गिर सकती है।
दरअसल, हर पार्टी ने मुसलमानों को फायदा पहुंचाने की बजाय नुकसान पहुंचाया है। मौलाना जव्वाद ने वसीम रिजवी पर इनाम घोषित करना फिजूल की बातें हैं, क्योंकि उसका सिर क्या उसके सिर से एक बाल भी कोई नहीं ला सकता। अलबत्ता, उसे फायदा हो जाएगा। उसकी सुरक्षा बढ़ जाएगी। इस तरह का बयान इस्लाम के खिलाफ है, क्योंकि सजा केवल अदालत दे सकती है। उन्होंने कहा कि वसीम को उम्मीद है कि ऐसे बयान देने से भाजपा सरकार में कट्टरपंथी लोगों से मदद मिलेगी। मौलाना जव्वाद ने कहा कि वसीम पर 153 ए का मुकदमा दर्ज है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हो रही है। मगर कोई शरजील इमाम साहब हैं, जिन पर यह मुकदमा होने के बाद दूसरे दिन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। वसीम को सहयोग करने का जो आरोप भाजपा सरकार पर लग रहा है, उसकी गिरफ्तारी न होने से पुख्ता हो जाएगा। इसलिए उसे एनसएस के तहत गिरफ्तार किया जाए।
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