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उस पल ऐसा लगा, मानो मौत से हुआ सामना, उद्योगपति ने पुलिस को सुनाई आपबीती

Mon, 11 Jan 2021 01:38 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़
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दीपक चौधरी को गिरफ्तार करने के लए घर का गेट खुलवाने की कोशश करते पुलिस कर्मी - फोटो : अमर उजाला
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हमले की घटना के बाद पुलिस को जो कुछ शहर के नामचीन उद्योगपति ने बताया, वह इरादतन की गई गुंडई से कम न था। उद्योगपति घंटों तक इस कदर दहशत में रहे कि वे घटना को बताते समय सिहर उठ रहे थे। उनकी मानें तो जिस वक्त आगरा रोड पर पीछे से आती थार जीप उन्होंने अपनी कार के साइड मिरर में देखी, उस समय लगा कि अब ये पीछे से टक्कर मारेगा।
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इस पर उन्होंने अपनी गाड़ी भगाने के बजाय साइड कर ली। फिर उसने एकाएक गाड़ी ओवरटेक कर फिल्मी स्टाइल में मोड़कर सामने से दो बार जोरदार टक्कर मारी। उस दौरान ऐसा लगा कि मानो मौत से सामना हुआ हो। शुक्रगुजार रहे वे ऊपरवाले के साथ अपने सिक्योरिटी स्टाफ का, जिन्होंने बिना देर किए तत्काल गाड़ी से उद्योगपति को निकालकर बाहर किया और सड़क से दूसरी ओर एक बालू के ढ़ेर के पीछे ले गए।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, उद्योगपति ने बताया कि घटना के समय उनका मोबाइल कार में ही छूट गया। हमलावरों के भाग जाने के बाद जब वे अपनी कार पर पहुंचे तो उन्हें मोबाइल गाड़ी में मिला, जिसमें कई मिस्ड कॉल पड़ी थीं। एक अंजान नंबर से भी मिस्ड कॉल थी। उस पर जब पलटकर फोन किया तो उधर से फोन करने वाले ने अपना परिचय कार्तिक चौधरी पुत्र तेजवीर सिंह गुड्डू के रूप में देते हुए इस कदर गालियां दीं और धमकी दी, जिनको वे बता पाने में भी हिचक रहे थे।
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तब उन्होंने मजबूरी में पुलिस अधिकारियों को फोन किया। वे बताते हैं कि सेंटर प्वाइंट पर भी ऐसा कुछ नहीं हुआ था, जिसके बदले वे पीछा करते हुए पहुंचे। सामने से गाड़ी लगाने पर उनके स्टाफ ने एतराज ही तो जताया था। वहां विवाद होने की दशा में खुद उद्योगपति अपनी गाड़ी निकालकर सेंटर प्वाइंट पर ही अपने एक करीबी उद्योगपति के घर में चले गए। जब पुलिस ने पहुंचकर विवाद यह कहकर शांत करा दिया कि चलो कोई बात नहीं तो फिर पीछा करके हमले का मकसद तो साफ है।

लखनऊ तक हमले की गूंज, अफसरों को सख्ती की हिदायत

शिक्षा क्षेत्र से जुड़े मशहूर निर्यातक और डिफेंस कॉरिडोर में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे उद्योगपति पर इस तरह रोडरेज में हमले की घटना की खबर जब लखनऊ तक पहुंची तो शासन में बैठे वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया। पता चला कि हमला करने वाले आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़े हैं तो स्थानीय अधिकारियों को सख्ती के संदेश मिले। इस पर आनन-फानन मुकदमा दर्ज कराया गया। खुद आईजी पीयूष मोर्डिया व एसएसपी मुनिराज जी पूरे प्रकरण में गंभीर कार्रवाई को लेकर अधिकारियों को निर्देश देने के साथ पल-पल का अपडेट लेते रहे।

पुलिस ने दो बार दी दबिश, घर से पकड़ा दीपक

घटना पर दोपहर में मडराक व क्वार्सी पुलिस ने सीओ इगलास व सीओ तृतीय के नेतृत्व में दो बाद तेजवीर सिंह गुड्डू के जापान हाउस स्थित घर पर दबिश दी। पहली बार तो महिलाओं ने अंदर आने से इंकार कर दिया। इस पर पुलिस टक्कर मारने वाली थार जीप को साथ ले गई। मगर जब बाद में पुलिस ने सर्विलांस की मदद ली तो दीपक की लोकेशन घर में ही मिलने पर फिर दबिश दी। महिला पुलिस की मदद से दरवाजा खुलवाया तो दीपक घर में कमरे में मिला। जिसे मडराक पुलिस अपने साथ ले गई। बाद में मैरिस रोड की एक साइट पर भी पुलिस ने दबिश दी, मगर वहां कोई नहीं मिला।

दबंग तेजवीर गुड्डू का अपराध से पुराना नाता

दबंग छवि के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष तेजवीर सिंह गुड्डू व उनके परिवार का अपराध से पुराना नाता है। पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में वे खुद आरोपी हैं। लोक सभा चुनाव लड़ चुके खैर क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य उनका बेटा दीपक भी एक मामले में दिल्ली जेल रह चुका है। जिला पंचायत अध्यक्ष रहते उन पर जिला पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता जलपुरुष राजेंद्र सिंह पर थप्पड़ मारने का आरोप लगा था, जिसमें वे जेल गए और रासुका तक में कार्रवाई हुई।

हालांकि बाद में उस मुकदमे में राजेंद्र सिंह द्वारा न्यायालय में तेजवीर सिंह गुड्डू को पहचानने से इंकार करने पर गुड्डू बरी हो गए। इधर, बसपा शासन काल में तेजवीर सिंह गुड्डू लंबे समय तक राजस्थान जेल में रहे। सपा शासन काल में जेल से छूटकर आने के बाद इगलास के एक ट्रैक्टर एजेंसी संचालक के गायब होने पर उनके छोटे बेटे कार्तिक चौधरी पर संदेह गया था।

मगर बाद में स्पष्ट हुआ था कि एजेंसी संचालक को उनके साझेदारों ने ही गायब किया है। उस समय कार्तिक से भी इगलास पुलिस ने पूछताछ की थी। इसके अलावा हाल के दिनों मेडिकल रोड पर एक प्रापर्टी से जुड़े विवाद में भी गुड्डू व उनके परिवार पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके अलावा उनके साले प्रदीप सिंह भी पूर्व विधायक मलखान सिंह हत्याकांड में आरोपी हैं और वर्तमान में गोंडा के ब्लाक प्रमुख हैं।

उनसे मेरा पारिवारिक नाता, नासमझी में दोनों ओर से हुई गलती

इस विषय में तेजवीर सिंह गुड्डू ने बताया कि उद्योगपति परिवार से मेरा पारिवारिक व पुराना नाता है। यह घटना दोनों ओर से नासमझी में गलती में हुई है। उन्होंने बताया कि सेंटर प्वाइंट पर गाड़ी आगे पीछे करने के विवाद में उनके स्टाफ ने छोटे बेटे कार्तिक के साथ कार में मौजूद युवक मोंटी से हाथापाई कर सिर में किसी वस्तु से चोट पहुंचा दी थी।

इस खबर पर बड़ा बेटा दीपक पहुंचा तो उसके पैर पर गाड़ी चढ़ गई, जिससे उसके पैर में फ्रैक्चर हो गया। उसे पुलिस फ्रैक्चर की स्थिति में ही घर से ले गई है। इसी गुस्से में बेटों ने पीछा कर गाड़ी में टक्कर मार दी है। उद्यमी परिवार के घर बैठकर मेरी खुद बातचीत हो गई है। गिले शिकवे दूर कर लिए गए हैं। बाकी अब कोई विवाद नहीं है।

सेंटर प्वाइंट पर पूरी घटना सीसीटीवी में कैद है। किसके स्तर से गलती हुई है। यह सब दिखाई दे जाएगा। हमारे न तो स्टाफ ने कोई अभद्रता की और न किसी के पैर पर गाड़ी चढ़ी। नशे में उन युवकों के स्तर से जानबूझकर हरकत की गई है। बाकी पुलिस अपनी जांच कर रही है।-उद्योगपति परिवार
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