खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय चंडौस में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहे अनुदेशक ने नवनियुक्त शिक्षिका नेहा से कार्यभार ग्रहण आख्या (चार्ज रिपोर्ट) के नाम पर दो हजार रुपये की रिश्वत ले ली। मगर, शिक्षक नेताओं के दबाव में उसे रुपये लौटाने पड़े। वहीं, बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने इस मामले से खंड शिक्षाधिकारी को जांच के निर्देश दिए हैं।
पिछले दिनों प्रदेशभर में परिषदीय विद्यालयों में हुई शिक्षकों की भर्ती के क्रम में अलीगढ़ में भी शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इनमें नेहा भी शामिल हैं, जिनकी नियुक्ति बतौर शिक्षिका कंपोजिट विद्यालय मढ़ौला में हुई थी। नेहा के अनुसार, वह खंड शिक्षाधिकारी कार्यालय में चार्ज रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर कंप्यूटर ऑपरेटर, जो पूर्व माध्यमिक विद्यालय दौरऊ में अनुदेशक के पद पर तैनात हैं, उन्होंने दो हजार रुपये लिए थे। बताते हैं कि जब इसकी जानकारी उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के चंडौस ब्लॉक मंत्री अशोक चौधरी, अमित चौहान भवन सिंह तोमर को हुई थे तो उन्होंने अनुदेशक सुनील से नेहा को रुपये वापस करा दिए। शिक्षक नेताओं ने कहा कि पिछले दिनों भी पांच शिक्षकों को एक-एक हजार रुपये वापस कराए थे। इस संबंध में अनुदेशक सुनील कुमार ने रिश्वत लेने की बात से इंकार कर दिया।
किसी भी शिक्षक के साथ शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिश्वत मांगने की शिकायत बीएसए से कर दी गई है। अब इसकी शिकायत शासन से की जाएगी। - मुकेश कुमार सिंह, जिला मंत्री, उत्तर प्रदेेशीय शिक्षक संघ
शिक्षिका से चार्ज रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कराने के नाम पर रिश्वत लेने की बात सामने आई है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसी भी भ्रष्टाचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए