खैर पैंठ की भूमि को सरकारी जमीन पाए जाने के बाद डीएम ने जिलेभर में सरकारी जमीनों की तलाश और दस्तावेजों को फिर से खंगालने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही तालाबों को लेकर भी डीएम ने निर्देश दिए हैं कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में जहां-जहां तालाब दर्ज हैं । उक्त भूमि को देखा जाए। उसकी खतौनी जांची जाए। अगर, तालाबों को पाटकर किसी व्यक्ति या संस्था द्वारा कब्जा पाया जाए तो उसके खिलाफ भूमाफिया की कार्रवाई की जाए।
जिले में अरबों रुपये की सरकारी जमीन शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में पड़ी है । कई जमीनों पर कब्जा भी है। जब कभी शिकायत के बाद जांच हुई तो इस प्रकार के मामले सामने आए हैं। अब जिलाधिकारी ने इन प्रकरणों को देखते हुए एडीएम सिटी, एडीएम प्रशासन, सभी एसडीएम को निर्देश दिए हैं कि वह अपने-अपने इलाकों में सभी श्रेणी की सरकारी जमीनों के बारे में पता कर रिकार्ड तैयार करें। साथ ही जमीन की वर्तमान स्थिति का भी पता लगाने के निर्देश दिए हैं ।
जिलाधिकारी ने बताया कि इस प्रकार की बहुत जमीन जिले में निकलेगी, जो कि सरकारी अभिलेखों में सरकार की है। मगर, उस पर कब्जा है। इस तरह की जमीन को रिकार्ड आते ही कब्जा मुक्त कराया जाएगा और सरकारी कामकाज और प्रोजेक्ट में लिया जाएगा। इसके साथ ही तालाबों को लेकर भी शिकायतें मिली हैं, उन पर कब्जा कर लिया गया है। अधिकारियों को इन तालाबों का रिकार्ड खंगालने और वर्तमान में तालाबों की स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं ।