बाल अपराध और स्कूली वाहनों से होने वाले हादसों को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने कदम उठाया है। अब पुलिस रिकार्ड में खराब चरित्र वाले चालकों को स्कूली वाहन नहीं चलाने दिये जाएंगे। जिलाधिकारी ने एआरटीओ को निर्देश दिए हैं कि वह स्कूलों से चालकों का रिकार्ड लें। स्कूल में संचालित वाहनों के तकनीक निरीक्षण व फिटनेस का परीक्षण भी कराया जाए।
डीएम ने एआरटीओ प्रवर्तन अभिताभ चतुर्वेदी, बीएसए, डीआईओएस, उच्च शिक्षा अधिकारी के साथ बैठक की। उन्होंने सड़क सुरक्षा नियमों को लेकर अधिकारियों को सख्त किया। सबसे अधिक फोकस स्कूली वाहनों को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि पुलिस की फाइलों में अगर किसी स्कूली वाहन चालक का चरित्र खराब है तो स्कूल वाहन नहीं चलाने दिया जाए।
स्कूल में संचालित वाहनों के तकनीक निरीक्षण, फिटनेस का परीक्षण कराया जाए। चालकों, परिचालकों के ड्राइविंग लाइसेंस व चरित्र सत्यापन हेतु उच्च शिक्षा अधिकारी, डीआईओएस, बीएसए को निर्देश दिए। विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल में संचालित वाहनों को उच्च न्यायालय द्वारा निर्दिष्ट मानकों का अनुपालन कराएं। अगर, किसी प्रकार की लापरवाही बरती गई तो अधिकारियों पर ही सबसे पहले कार्रवाई की जाएगी।