पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह खान ने कहा कि बाबा रामदेव और बालकृष्ण ‘कोरोनिल’ दवा के नाम पर देशवासियों को धोखा दे रहे हैं। उनकी नकली दवा बिना परमिशन के बाजार में उतारी गई है। इसकी पुष्टि केंद्र सरकार के विभागों ने ही खुद कर दी है। दोनों बाबा अपनी नकली दवा को अरबों रुपये में बेच कर इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं। जैसे-जैसे इनकी परतें खोली जाएंगी। वैसे-वैसे ये दोनों देशद्रोही साबित होंगे। ऊपर वाला ही अब इनकी सब परतें खोल रहा है। इन्हीं बाबा ने इल्जाम लगाया था कि जमाती कोरोना वायरस फैला रहे हैं, मगर आज देश भर में जिन्हें कोरोना संक्रमण निकल रहा है, क्या वह लोग गुपचुप तरीके से जमात में जाते थे..? जिन लोगों को तेजी से कोरोना संक्रमण हो रहा है तो क्या उन्होंने जमात में जाकर धर्म परिवर्तन करा लिया है..? यह मालूम करने का विषय है।
पूर्व विधायक ने कहा कि दूसरों पर एक उंगली उठाने पर बाकी तीन उंगलियां अपनी तरफ ही होती हैं। लोग यह भूल जाते हैं। प्लाज्मा देने वाले जमातियों को भी लोग भूल गए। जिन्होंने अपने खून के कतरे से प्लाज्मा देशवासियों को दिया। इन बाबाओं ने क्या दिया..? दवा के नाम पर धोखा। पतंजलि की आड़ में बाबा रामदेव और उनके सहयोगी बाबा बालकृष्ण कोरोनिल के नाम पर देश भर को लूट रहे हैं। हो सकता है कि यह लोग देश छोड़कर विदेश चले जाएं। जैसे और लोग देश को लूट कर विदेशों में भाग चुके हैं। ऐसे लोगों की जगह केवल जेल है और कोई नहीं। पूर्व विधायक ने कहा कि ‘कोरोनिल’ दवा की जांच कराई जाए। अगर पतंजलि की सीबीआई जांच हो जाए तो दूध का दूध पानी का पानी हो जाएगा और दोनों बाबा के जेल के पीछे होंगे।