दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दिल्ली के अस्पतालों में बाहरी व्यक्तियों का उपचार नहीं करने के फरमान से एएमयू जेएन मेडिकल कॉलेज में विचार मंथन की स्थिति है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन विश्वविद्यालय प्रशासन से विचार विमर्श करने के बाद कोई फैसला ले सकता है।
जेएन मेडिकल कॉलेज में मरीज की गंभीर स्थिति होने पर उसके एडवांस ट्रीटमेंट के लिए उसको दिल्ली के ऑल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट, लोकनायक जयप्रकाश हॉस्पिटल, जीबी पंत हॉस्पिटल सहित अन्य अस्पतालों में रेफर कर दिया जाता है। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद सिद्दीकी कहते हैं नई परिस्थिति में हम वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विचार विमर्श कर रहे हैं। साथ ही साथ सरकार की ओर से भी कुछ गाइडलाइन का इंतजार कर रहे हैं। मरीज को एडवांस ट्रीटमेंट के लिए यही तो भेजा ही जाएगा। इसलिए नई स्थिति बनी है ऐसा पहले कभी हुआ नहीं और जल्द ही विश्वविद्यालय प्रशासन इस पर कोई फैसला ले लेगा।
इस समय भी अलीगढ़ से कोरोना वायरस संक्रमण सहित अन्य ऐसे कई केस दिल्ली के अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री के ताजा फैसले के बाद ऐसे मरीजों के परिवार वालों में भी असहजता की स्थिति बनी हुई है। उन्हें यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि भविष्य में उनके मरीज को दिल्ली के अस्पतालों की सुविधा उपलब्ध होगी या नहीं होगी।