नागरिकता संशोधन कानून के विरुद्ध भड़काऊ बयान देने के मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी एवं महासचिव प्रियंका गांधी व अज्ञात लोगों के विरुद्ध एसीजेएम द्वितीय के न्यायालय में वाद दायर किया गया है। यह परिवाद भाजपा नेता व पूर्व जिला मीडिया प्रभारी की ओर से एसीजेएम न्यायालय में दायर किया गया है। इसकी सुनवाई के लिए 30 जुलाई तारीख नियत है।
यह वाद दायर करते हुए भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी व सासनीगेट शाहपाड़ा निवासी मयंक अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस नेताओं के भड़काऊ भाषण के कारण धर्म विशेष के लोगों में आक्रोश उत्पन्न हुआ। उन्होंने यह बयान दिल्ली में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ दिया और समाचार पत्रों में छपा। जिसकी वजह से हिंसक आंदोलन हुए और सार्वजनिक तथा व्यक्तिगत संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। कांग्रेस नेताओं के उकसाने एवं संरक्षण के कारण हिंसक आंदोलन अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में भी हुए और वहां से हिंसक होकर शांत अलीगढ़ को भी प्रभावित किया। इस आग की वजह से पूरा उत्तर प्रदेश भय और आतंक से प्रभावित हुआ। लोगों का घर से निकलना दूभर हो गया। कई लोगों की मृत्यु हो गई।
उन्होंने न्यायालय से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी व अन्य अज्ञात व्यक्तियों को तलब कर दंडित करने का आग्रह किया है। मयंक अग्रवाल ने दिल्ली के रामलीला मैदान में 14 दिसंबर 2019 में आयोजित कांग्रेस के कार्यक्रम में नेताओं के भड़काऊ भाषण को आधार बनाया है। अधिवक्ता राजीव सेठ के अनुसार यह वाद 18 मार्च 2020 को दायर किया था। उस समय तारीख 30 मार्च तय हुई थी। मगर लॉकडाउन में अदालत बंद होने के कारण प्रक्रिया थम गई। अब न्यायालय खुलने पर 30 जुलाई तारीख तय की गई है।