भगवा सरकार के राज में यह कैसा अन्याय है। कोरोना बीमारी फैलने का हवाला देते हुए मंदिरों को बंद रखा गया है। वही, दूसरी ओर राजस्व के लिए शराब की दुकानें खोल दी गईं। सरकार के इस कदम पर ऐतराज जताते हुए बसपा नेताओं ने डीएम से लॉकडाउन के तीसरे चरण के अंत तक शराब की दुकानें बंद रखने की अपील की है। अंदेशा जताया कि शराब की दुकानें खुलने से कोरोना और बढ़ेगा।
बसपा के अलीगढ़ मंडल के सेक्टर प्रभारी अशोक सिंह ने कहा कि शराब की दुकानें खुलने के पहले ही दिन दुकानों पर जबरदस्त भीड़ जमा रही। शराब पीकर लोग अपना विवेक खो सकते हैं। ऐसी परिस्थिति में वे सोशल डिस्टेंसिंग जैसे नियमों का पालन कर पाएंगे, इसमें संदेह ही है। इधर, बसपा के महानगर उपाध्यक्ष कपिल सूर्यवंशी ने सवाल उठाया कि यदि छूट देनी ही थी तो मंदिर खोलने की देनी चाहिये थी, वहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने के लिए पुलिस बल तैनात किया जाता तो अच्छा रहता। कम से कम भगवान के द्वार आकर लोग अपने दुखदर्द तो कम कर लेते। इसके बजाय शराब की दुकानें खोल दी गई। पहले ही दिन सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों को ताक पर रखकर लोगों ने जमकर शराब खरीदी। इससे तो कोरोना वायरस और बढ़ेगा। उन्होंने डीएम को पत्र लिखकर शराब बंदी दोबारा से लागू करने की मांग की।