महाराष्ट्र और पंजाब से आने वाले प्रवासी मजदूरों को अब सीधे होम क्वारंटीन नहीं किया जाएगा। कोरोना महामारी को रोकने के लिए कदम बढ़ाते हुए जिला प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर इनके कोरोना टेस्ट कराने की व्यवस्था की है। इसके साथ ही मजदूरों को सात दिन के लिए जिला प्रशासन की ओर से बनाए आश्रय स्थलों में रोका जाएगा।
जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने बताया कि जिले में फिलहाल नासिक से 16, गोरखपुर से 11 पंजाब से 46 मजदूर अब तक आ चुके हैं। इनके लिए गभाना, कोल, इगलास तहसील में रुकने की व्यवस्था की गई है। इन 88 मजदूरों सहित अन्य आने वाले सभी मजदूरों का कोरोना टेस्ट कराया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को सैंपलिंग करने के निर्देश दे दिए हैं । इसके साथ ही इनको सात दिन तक आश्रय स्थलों में ही रखा जाएगा। आश्रय स्थलों में खान-पान, साफ सफाई, बिस्तर आदि की व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित एसडीएम को सौंपी गई है। अगर, किसी भी प्रकार की लापरवाही इस व्यवस्था में पाई जाती है या शिकायत मिलती है तो संबंधित पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।