शहर के उस्मानपाड़ा 55 वर्षीय व्यक्ति कोरोना वायरस की चपेट में आए और असमय ही काल की गाल में समा गए। परिवार के सदस्य इस सदमे से उबरे भी नहीं थे कि भाई की मृत्यु हो गई। हालांकि, मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। इस स्थिति में परिवार के ऊपर दुख का पहाड़ तब टूट कर गिर गया, जब कोरोना से असमय काल की गाल में समाए व्यक्ति की बेटी व बेटा भी वायरस की चपेट में आ गए। बहनोई भी इस खतरनाक वायरस की चपेट में आने से अपने आप को नहीं बचा सकें। अब यह वायरस उनके मृतक भाई की बेटी और दामाद को अपनी चपेट में ले लिया है। कुछ और लोग इसकी चपेट में आए होंगे, इस आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
मृतक तक कोरोना वायरस कैसे पहुंचा, यह जांच का विषय है। लेकिन जाहिर हो चुका है खतरनाक वायरस तेजी से लोगों को अपनी चपेट में लेता जा रहा है। समय रहते जांच हो गई होती तो न किसी की जान जाती और न ही इतने लोग संक्रमित होते। नीवरी अलहदादपुर में भी आस-पड़ोस के दो लोग संक्रमित हुए हैं। वहीं, ऊपरकोट में संक्रमित दो लोग आपस में भाई है। स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन के अधिकारी भी बार-बार आग्रह कर रहे हैं कि कोरोना वायरस का लक्षण हो तो उसे छिपाए नहीं बल्कि जांच कराएं। इससे न सिर्फ आप बल्कि परिवार, समाज, शहर व मुल्क सुरक्षित रहेगा।
सीएमओ डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि मास्क लगाकर रहे और सामाजिक दूरी का पालन करें। जरूरत न हो तो घर से नहीं निकले। ट्रेवल हिस्ट्री हो तो उसे छिपाए नहीं बल्कि स्वयं बताएं। कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए हो तो क्वारंटीन रहे और जांच कराए कि कहीं आप संक्रमित तो नहीं हुए हैं।