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कोरोना के संदेह पर लाश के पोस्टमार्टम से पीछे हटे डॉक्टर, सैंपलिंग हुई

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सिकंदराराऊ के एक बीमार युवक की मौत के बाद कोरोना का संदेह उसके परिवार के लिए फजीहत का सबब बन गया है। पोस्टमार्टम के दौरान जब डॉक्टरों को उसके फेफड़े में पस मिला तो वह हैरान रह गए। उन्होंने कोरोना के संदेह के चलते पोस्टमार्टम से हाथ पीछे खींच लिए और तत्काल सीएमओ को पूरा वाकया बताया। फिलहाल सीएमओ के निर्देश पर शव पोस्टमार्टम केंद्र पर ही डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया है और उसके पस का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। साथ में उसकी पिछली ट्रेवल व बीमारी की हिस्ट्री की जांच शुरू करा दी गई है। वहीं, परिवार वाले पेट में दर्द की बीमारी का इलाज होने और उसी से मौत होने का दावा कर रहे हैं।
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हाथरस सिकंदराराऊ के गांव गंथरी शाहपुर निवासी किशनवीर 25 वर्षीय पुत्र तेजपाल फरीदाबाद की एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। कुछ दिन पहले उसकी तबियत खराब हुई तो उसका फरीदाबाद के ही सिविल अस्पताल में इलाज हुआ, जहां उसके पेट में कोई बीमारी पाई गई। वहां से इलाज के बाद किसी तरह वह 20 अप्रैल को अपनी ननिहाल गंगीरी के गांव बढ़ारी पहुंच गया। यहां फिर बीमार होने पर 20 अप्रैल की रात को ही छर्रा के एक नर्सिंग होम में भरती कराया गया। वहां के डॉक्टर के अनुसार उसका पेट में दर्द का ही इलाज किया गया। इसके बाद 21 की सुबह डॉक्टरों ने उसे वहां से जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया। मगर वह उसे मेडिकल कॉलेज ले जाने के बजाय बढ़ारी ले गए। इस पर वहां के प्रधान ने कोरोना महामारी का हवाला देकर उसे इलाज के लिए ले जाने की बात कही। वहां से इस युवक को परिवार वाले कहां ले गए, पता नहीं। फिर शाम साढ़े चार बजे उसकी मौत होने पर शव को वापस छर्रा के ही नर्सिंग होम ले आए। इस पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया और पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने मामला संदिग्ध मानते हुए शव शाम को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इधर, बुधवार दोपहर जब शव का पोस्टमार्टम शुरू हुआ तो उसके फेफड़े में पस देख डॉक्टर हिचक गए और कोरोना का संदेह जताते हुए पोस्टमार्टम रोककर पीछे हट गए। पूरा वाकया सीएमओ को बताया गया। हालांकि परिवार वाले मौत पेट के किसी मर्ज से बता रहे हैं। सिविल हॉस्पिटल फरीदाबाद के इलाज संबंधी प्रपत्र भी दिखा रहे हैं। इसी तरह के इलाज के प्रपत्र छर्रा के डॉक्टर ने पुलिस को दिए हैं। सीएमओ डॉ.बीपी कल्याणी के अनुसार फिलहाल शव डीप फ्रीजर में रखवा दिया गया है। पस का सैंपल कोरोना के शक में जांच के लिए भेजा गया है। वहां से रिपोर्ट आने पर ही आगे तय होगा। अगर कोरोना पुष्ट हुआ तो शव परिवार को नहीं दिया जाएगा। उसकी ट्रेवल हिस्ट्री पर भी अभी से जांच कराई जा रही है।
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