योगेश कुमार, कार्यवाहक प्रधानाचार्य
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टप्पल क्षेत्र के गांव पलसेड़ा स्थित सर्वोपयोगी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य योगेश कुमार की पदोन्नति फर्जी पाई गई है। इस बात का खुलासा शिकायत मिलने के बाद डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा द्वारा गठित की गई जांच कमेटी की रिपोर्ट से हुआ। डीआईओएस ने अग्रिम कार्रवाई के लिए संयुक्त शिक्षा निदेशक को रिपोर्ट प्रेषित कर दी है।
शिकायतकर्ता अजय कुमार राय ने दिसंबर, 2019 में डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा से शिकायत की कि पलसेड़ा स्थित सर्वोपयोगी इंटर कॉलेज के कार्यवाहक प्रधानाचार्य योगेश कुमार की पदोन्नति फर्जी है। अजय कुमार ने आरोप लगाया था कि 2005 में की गई पदोन्नति के समय योगेश कुमार की नियमानुसार शैक्षणिक अनुभव 5 वर्ष नहीं और योग्यता स्नातकोत्तर नहीं थी। इसे लेकर उस समय जेडी ने पदोन्नति की फाइल आपत्ति लगाकर वापस भी की, लेकिन इसके एक वर्ष बाद फर्जी तरीके से योगेश कुमार की पदोन्नति कर दी गई।
इस शिकायत पर डीआईओएस ने जांच कमेटी गठित की। इस जांच कमेटी में स्वयं डीआईओएस धर्मेंद्र शर्मा, सह जिला विद्यालय निरीक्षक और सहायक वित्तलेखाधिकारी शामिल थे। सन् 2020 में पूरे वर्ष जांच कमेटी ने मामले की पड़ताल की। इस दौरान शिकायतकर्ता अजय को पता चला कि योगेश की 1998 में की गई नियुक्ति भी फर्जी है।
24 नवंबर, 2020 को डीआईओएस द्वारा गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट पर आपत्ति जताते हुए आरोपी योगेश कुमार ने जेडी जितेंद्र मलिक से फिर से जांच करवाने की अपील की। इस पर जेडी जितेंद्र मलिक ने 28 जनवरी, 2021 को सभी पक्षों को बुलाकर की सुनवाई की थी। इसके बाद भी मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
मामले की शिकायत मिलने पर पूरी जांच कराने के बाद संयुक्त शिक्षा निदेशक को अग्रिम कार्रवाई के लिए रिपोर्ट प्रेषित कर दिया गया है। -धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस