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दुकानों पर सजीं बिना टैग वाली मिठाई

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दुकानों पर सजी बिना टैग की मिठाइयां। - फोटो : CITY OFFICE
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आप जो मिठाई खा रहे हैं वह ताजी है या बासी? इस सवाल का जवाब कौन देगा? इसका पता लगाने के लिए सरकार ने मिष्ठान विक्रेताओं को काउंटर में बिक्री के लिए सजाई जाने वाली मिठाइयों की ट्रे पर बेस्ट बिफोर का टैग लगाने का आदेश दिया है। मगर, आदेश के एक महीने बीतने के बाद भी कुछेक नामचीन स्वीट हाउस संचालकों को छोड़ दिया जाए तो बाकी नियम का पालन नहीं कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग को भी इसकी फिक्र नहीं है। इसका खामियाजा पब्लिक को भुगतना पड़ रहा है। नियम होने के बावजूद ग्राहकों को इसका लाभ नहीं मिल रहा। लोग जो मिठाई खरीद रहे हैं उसे जानकारी ही नहीं है कि यह मिठाई कब तक खाने लायक है?
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दिवाली पर बासी मिठाई खपाने की तैयारी
इस नियम का पालन करने से कई दुकानों पर ताला लग सकता है। मिठाई कारोबार से जुड़े लोग ही बताते हैं कि दिवाली के 15 दिन पहले से कोल्ड स्टोर में रखे मावा से मिठाई बनाने का काम शुरू कर दिया जाता है। यह मिठाई लंबे समय तक गोदाम में रखी रहती हैं और दिवाली पर इसे बेचा जाता है। अगर बेस्ट बिफोर का टैग लगाएंगे तो पब्लिक इसे खरीदेगी नहीं। यही वजह है कि विक्रेता इस नियम का पालन नहीं कर रहे हैं।
नियम पालन कराने में कितना समय लगाएगा विभाग
एक अक्तूबर को लागू हुए नियम सख्ती से लागू करने के आदेश खाद्य सुरक्षा विभाग को मिले थे। इसका मकसद जनता को ताजी मिठाई उपलब्ध कराना था, लेकिन खुद विभाग इस नियम को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है।
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केस-1
समद रोड स्थित एक बड़े मिष्ठान भंडार के काउंटर में रखी किसी भी मिठाई पर बेस्ट बिफोर का टैग नहीं लगा था। मौके पर इस बारे में सवाल पूछा गया तो दुकान संचालक श्याम सुंदर ने बताया कि उनको टैग लगाने की जानकारी नहीं है। खाद्य सुरक्षा विभाग से भी यह नियम बताने कोई नहीं आया।
केस-2
रामघाट रोड अतरौली अड्डा पर स्थित दो मिष्ठान दुकानों पर भी मिठाइयों पर बेस्ट बिफोर का टैग नहीं लगा था। पहली दुकान पर सवाल पूछा तो संचालक ने कहा कि मिठाई तत्काल बिक जाती है, इसलिए टैग लगाने का कोई मतलब नहीं है। दूसरी दुकान के संचालक ने टैग नहीं लगाने के नियम की जानकारी नहीं होना बताया।
स्पॉट-3
सेंटर प्वाइंट स्थित एक नामचीन मिष्ठान विक्रेता की दुकान पर काउंटरों में सजी कुछ मिठाइयों की ट्रे पर टैग लगा हुआ था। दुकान संचालक एमके मिश्रा ने बताया कि उनको अखबारों के माध्यम से बेस्ट बिफोर का टैग लगाने की जानकारी हुई है। सभी ट्रे पर टैग लगवाया जा रहा है।
स्वीट हाउस संचालकों से बात हुई है। कई लोग इसका पालन कर रहे हैं। लेकिन कोई नियम बनता है उसका पालन कराने में समय लगता है। विभाग इस नियम की जानकारी मिष्ठान विक्रेताओं को पहुंचा रहे हैं। -सर्वेश मिश्रा, जिला अभिहित अधिकारी।
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