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सड़कों पर लगाए जा रहे 54 लाख रुपये के 800 कूड़ेदान

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नगर निगम द्वारा रामघाट रोड पर लगाए गए कूड़ेदान - फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा
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महानगर की सड़कों पर 54 लाख रुपये की लागत से खरीदे गए 800 कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। इसका मकसद शहर की सफाई व्यवस्था और स्वच्छता को बनाए रखना है। सूखा कूड़ा एवं गीला कूड़ा के लिए अलग-अलग कूड़ेदान हैं।
नगर निगम द्वारा 54 लाख रुपये की लागत से मेरठ के पोलीमेक इंडिया से 800 कूड़ेदान खरीदे गए हैं। कूड़ेदान स्टील के हैं और इसकी क्षमता 80 लीटर है। इन्हें वाणिज्यक व पब्लिक एरिया में सड़कों के किनारे लगाया जा रहा है। अभी तक करीब 200 कूड़ेदान लग चुके हैं। 600 और कूड़ेदान लगाने का कार्य चल रहा है। एक साथ दो कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। एक में सूखा और दूसरे में गीला कूड़ा डालना है। वर्कशॉप के प्रभारी अजीत राय ने बताया कि 1.20 करोड़ का टेंडर था। जेम पोर्टल के माध्यम से 54 लाख रुपये के कूड़ेदान खरीदे गए हैं। 66 लाख रुपये की बचत हुई है। एक कूड़ेदान करीब 6750 रुपये का पड़ रहा है। बची धनराशि से कुछ और कूड़ेदान खरीदे जा सकते हैं या दूसरे काम में इस्तेमाल किया जा सकता है। कूड़ेदान मार्च-अप्रैल में ही लगने थे, लेकिन लॉकडाउन के कारण अब लग रहे हैं। नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार ने बताया कि एक कूड़े की क्षमता 80 लीटर है। सड़क चलते लोग सामान इधर-उधर फेंक देते हैं। अब लोग सूखा एवं गीला कूड़ा सड़क के बदले कूड़ेदान में डालेंगे। इससे गंदगी कम होगी और सड़कें साफ-सुथरी रहेंगी।
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कूड़ेदान को चोरी से बचाना बड़ी चुनौती
54 लाख रुपये की लागत से शहर की सड़कों पर 800 कूड़ेदान लगाए जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल उन्हें बचाए रखने का है। सड़क पर रखे गए कूड़ेदानों की सुरक्षा के लिए शहरवासियों को भी सतर्क रहना पड़ेगा। अन्यथा उनके गाढ़ी मेहनत की कमाई से खरीदे गए कूड़ेदान देखते-देखते गायब हो जाएंगे। अजीत राय कहते हैं कि शहर में सड़कों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उसके माध्यम से कूड़दानों पर नजर रखी जाएगी।
सूखा कूड़ा (नीला) = प्लास्टिक, कागज, कांच व अन्य धातु आदि
गीला कूड़ा (हरा) = रसोई का कचरा, बगीचे का कचरा आदि
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