थाना बन्ना देवी पुलिस ने गरीब, अनाथ और नशे के आदी लोगों को पैसों का लालच देकर उनके खून का धंधा करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक बदमाश को पकड़ लिया है, जबकि उसकी साथी महिला फरार हो गई है। आरोपी पहले निजी नर्सिंगहोमों पर काम किया करता था। खून को यह निजी नर्सिंगहोमों पर ही बेच दिया करता था। अब पुलिस उन नर्सिंगहोमों की तलाश कर रही है जहां पर वह खून बेचा करता था।
एसपी सिटी अभिषेक ने बृहस्पतिवार को अपने कार्यालय में प्रेसवार्ता में बताया कि रघुवीर पुरी पुलिस चौकी के प्रभारी दीपक कुमार को सूचना मिली कि मोहल्ला सराय हकीम में एक आदमी खून का धंधा करता है। पुलिस ने मकान में छापा मारकर सोहन उर्फ सनी पुत्र रामफूल सिंह निवासी चामड़ वाली गली सराय हकीम को गिरफ्तार कर लिया। यहां से नशा करने के अभ्यस्त देवकी नंदन पुत्र डंबर सिंह निवासी मजूपुर थाना गोंडा के शरीर से निकाले गए करीब 1 यूनिट खून, ग्लूकोज की बोतल, ब्लड बैग, एंटी ए व एंटी बी की शीशी को भी बरामद कर लिया। पूछताछ में सोहन ने बताया कि वह पहले निजी अस्पतालों में नौकरी करता था।
खर्चे पूरे करने के लिए शहर के रेलवे स्टेशन के बाहर तथा कठपुला के पास अनाथ एवं नशा करने के अभ्यस्त लोगों से संपर्क करने लगा। उन्हें 400-500 रुपये का लालच देकर खून देने के लिए तैयार कर लेता था। इन लोगों को अपने घर पर लाकर उनका खून निकाल कर शहर के विभिन्न नर्सिंग होम तथा सरकारी अस्पताल में 800 से लेकर 1000 रुपये तक में बेच देता था। उसके इस काम में दिव्या भारती नामक महिला सहयोग करती थी। आरोपी के खिलाफ धारा 420, 270 में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपी 2016 में थाना छतारी जनपद बुलंदशहर से हत्या के मामले में जेल जा चुका है। इस मौके पर सीओ द्वितीय पंकज श्रीवास्तव, इंस्पेक्टर रविंद्र दुबे मौजूद रहे।