फिरोजाबाद की युवती संग नोएडा में नौकरी के दौरान जवां के युवक ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने और दहेज मांगने के आरोपी को अदालत ने सात साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला एडीजे-फास्ट ट्रैक प्रथम त्रिभुवन नाथ पासवान के न्यायालय से सुनाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता एडीजीसी शैलेंद्र अग्रवाल के अनुसार फिरोजाबाद की युवती ने जवां में 2015 में यह मुकदमा दर्ज कराया था। इस मुकदमे में उल्लेख था कि नोएडा में नौकरी करते हुए उसकी मुलाकात सहकर्मी महेंद्र पाल सिंह निवासी खेरूपुरा जवां संग हुई। उसने शादी करने के नाम पर लिव-इन में रहना शुरू कर दिया और शारीरिक संबंध भी बनाए। जब वह गर्भवती हुई तो उसका गर्भपात करा दिया। कहा कि शादी करने के बाद बच्चे करेंगे। इसी बीच उसे पता चला कि उसकी किशनपुर निवासी एक अन्य युवती से शादी तय हो गई है।
इस पर पीड़ित ने युवती के परिजनों को संपर्क कर नोएडा बुला लिया। जब युवक का भेद खुला तो वहां से रिश्ता तो टूट गया। युवती से शादी के नाम पर शर्त रख दी कि रिश्ता टूटने पर 1.20 लाख रुपये खर्च हुए हैं। अगर वह उन रुपयों को दहेज के रूप में देगी तो वह साथ रखेंगे और शादी कर लेंगे। मामले में एसएसपी से शिकायत पर मुकदमा दर्ज हुआ। अदालत ने साक्ष्यों व गवाही के आधार पर आरोपी को सात साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं आधी राशि पीड़ित को देने के आदेश दिए हैं।