छठ महापर्व के अवसर पर शनिवार को व्रती महिलाओं ने लोकगीत गाकर अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान शहर के टीकाराम मंदिर, बदरबाग व सांगवान सिटी में मेले जैसा महौल रहा। देर शाम तक तीनों जगह रौनक रही। वहीं आज (रविवार) उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का समापन होगा।
शहर के टीकाराम मंदिर, बदरबाग स्थित शिव मंदिर व सांगवान सिटी में शाम चार बजे से ही छठ पूजा वाले श्रद्धालु पहुंचने लगे। सूप में पूजन सामग्री, फल, सब्जी, मखाने, ठेकुआ आदि सजाए। महिलाओं ने दीप, धूप जलाकर पूजा अर्चना की। लोकगीत गाकर कृत्रिम नहर में अस्ताचल सूर्य को अर्घ्य दिया। इस दौरान महिलाओं के साथ पुरुष भी अर्घ्य देते हुए नजर आए। परिवार में सुख समृद्धि की कामना के लिए सूर्य भगवान से प्रार्थना की। गीत गाकर महिलाएं अपने घर पहुंची और कोसी भरी।
वहीं आज (रविवार) सुबह उदयगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रत का पारण किया जाएगा। आपस में प्रसादी बांटकर एक दूसरे को छठ पर्व के समापन की शुभकामना देने का दौर चलेगा। सांगवान सिटी में डॉ. नरेंद्र सांगवान, राजकुमार पांडेय, रोशन कुमार झा, राम प्रताप यादव, संगीता पांडेय, उमा सोलंकी, संगीता चौहान, भारती सिसौदिया, सुनीता झा, नेहा शर्मा आदि मौजूद रहे।
बबली तिवारी की पहली तो सीता देवी की थी 50वीं छठ पूजा
टीकाराम मंदिर में छठ पूजा के दौरान बबली तिवारी पहली बार पूजा करने पहुंची। यहां बबली ने बताया कि घर परिवार में सुख समृद्धि के लिए उन्होंने व्रत रखा है। श्रद्धा के चलते कोई परेशानी नहीं हुई। वहीं टीकाराम मंदिर में छठ पूजा की प्रथा प्रारंभ करने वाली सीता देवी ने बताया कि लगभग 50 सालों से वह छठ पूजा करती आ रही हैं। अलीगढ़ में 20 साल पहले यह परंपरा शुरू की थी। जिस प्रथा में हर साल लोग बढ़ते जा रहे हैं।
टीकाराम मंदिर में छठ पूजन करती महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE