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अलीगढ़ : कोरोना संक्रमितों के करीबियों के सैंपल लेने में हो रही लापरवाही

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कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक करते डीएम चंद्र भूषण सिंह। - फोटो : CITY OFFICE
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कोरोना महामारी के अति गंभीर दौर में भी सरकारी प्रणाली सुधरने का नाम नहीं ले रही है। मरीजों के प्राथमिक संपर्क वालों का टेस्ट न कराने की लापरवाही को सीडीओ ने समीक्षा बैठक में उजागर कर दिया। इसके बाद जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को फटकार लगाई। साथ ही जल्द से जल्द सैंपलिंग कराने का आदेश दिया है। जेएन मेडिकल कॉलेज में 1361 सैंपल लंबित होने पर उनकी भी जांच जल्द कराने का आदेश दिया है।
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सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने अवगत कराया कि जनपद में रविवार को 17 व्यक्ति कोविड-19 पॉजिटिव आए थे। संज्ञान में आया है कि संक्रमितों के प्राथमिक संपर्कियों की जांच नहीं की गई है। साथ ही उन्होंने जेएन मेडिकल कॉलेज में 1361 सैंपल लंबित चलने का भी मुद्दा उठाया। इस पर डीएम ने लापरवाही पर फटकार लगाई। साथ ही सीएमओ को निर्देशित किया कि वह अपने स्तर से लंबित सैंपलों की जांच रिपोर्ट प्राप्त करना सुनिश्चित करें। शासन ने प्रतिदिन 400 सैंपल लेने का निर्देश दिया है। इसके तहत निजी चिकित्सालयों, मंडी, ठेले वाले आदि की सैंपलिंग की जाए। कोरोना कंट्रोल रूम की प्रभारी स्मृति गौतम ने बताया कि कोविड-19 हेल्प डेस्क की सूचना कंट्रोल रूम पर नहीं आ रही हैं। जनपद में स्थित सरकारी/निजी कार्यालयों एवं हॉस्पिटलों द्वारा कोविड-19 हेल्प डेस्क की स्थापना नहीं की गई है। डीएम ने निर्देश दिए कि कोविड-19 हेल्प-डेस्क की स्थापना तत्काल कर कंट्रोल रूम में सूचना दर्ज कराई जाए।
श्रमिकों को रोजगार देने को शासन ने गठित की कमेटी
श्रम विभाग द्वारा प्रवासी श्रमिकों को रोजगार दिलाने के लिए शासन ने जिला स्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। जीएम डीआईसी श्रीनाथ पासवान ने बताया कि कमेटी डाटा को अपडेट तथा उनकी मैपिंग करेगी। जनपद में इस संदर्भ में एक साप्ताहिक बैठक आयोजित कर उसके कार्यवृत्त को शासन में भेजा जाएगा। प्रवासी श्रमिकों को स्किल के आधार पर रोजगार दिलाया जाना है।
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बरसात में गोशालाओं में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश
बारिश के मौसम को देखते हुए गोशालाओं को लेकर एक बार फिर से जिला प्रशासन सख्त हो गया है। जिलाधिकारी ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने जिला पंचायतराज अधिकारी एवं सभी खंड विकास अधिकारियों को जनपद में संचालित सभी गोशालाओं में गोवंशों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में गोशालाओं में जलभराव न हो, किसी पशु को कोई बीमारी न हो, गोवंश आश्रय स्थलों का भ्रमण कर मिट्टी भराव, खड़ंजा निर्माण एवं जल निकासी की उचित व्यवस्था करते हुए यह सुनिश्चित कर लिया जाए कि कहीं भी जलभराव की स्थिति न रहे। गोवंशों के बैठने के लिए पर्याप्त टीन शेड की व्यवस्था के साथ ही तेज हवा के साथ होने वाली वर्षा से गोवंशों के बचाव के लिये तिरपाल आदि की भी व्यवस्था की जाए। टीकाकरण के साथ ही आश्रय स्थलों की साफ-सफाई की जाए। इधर, सीडीओ ने निर्देश दिए कि मच्छर-मक्खी से बचाव को आवश्यक दवाओं का नियमित छिड़काव कराया जाए।
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