अलीगढ़ महापौर प्रशांत सिंघल ने अक्तूबर 2024 में खरीदी गई 20 टन क्लोरीन व बीते एक साल से इसके उपयोग की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए कार्यकारिणी सदस्यों के नेतृत्व में एक समिति गठित की जाएगी। इसके अलावा प्रतिदिन जलकल विभाग के कार्य जैसे हैंडपंप मरम्मत, रिबोर और पाइपलाइन लीकेज मरम्मत की ऑनलाइन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
दरअसल, महापौर के आदेश से पहले कार्यकारिणी की बैठक में सपा पार्षद हाफिज अब्बासी ने जलकल विभाग के भ्रष्टाचार को सदन में उठाया था। उन्होंने कहा था कि गत वर्ष 20 टन क्लोरीन का क्रय किया गया था। जिसका विवरण उपलब्ध नहीं कराया गया। इसका दुरुपयोग किया गया। उन्होंने जलकल विभाग के जेई की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्षेत्र में जल आपूर्ति की समस्या है। आए दिन लीकेज, गंदा पानी, पानी से बदबू की समस्या रहती है। इसके बारे में जेई नरेंद्र कुमार से बात की जाती है तो वे सही जवाब नहीं देते हैं। बिना पार्षद की संस्तुति के लीकेज मरम्मत की जाती है। इस पर मेयर ने कहा कि लीकेज मरम्मत की सूचना पार्षदों को दी जाए।
पार्षदों ने उठाए सवाल
सपा पार्षद मुशर्रफ हुसैन ने जन्म मृत्यु पंजीकरण में अनियमितता, ईद पर मोहल्लों में गंदगी, कर्बला के पास कचरा, ईदगाह पर ठीक से सफाई नहीं होने, कर्बला में हाई मास्ट लाइट खराब होने की समस्या उठाई। सपा पार्षद असलम नूर ने स्ट्रीट लाइट सही करने व पार्षदों के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। सपा पार्षद हाफिज अब्बासी ने एक ही निर्माण कार्य का कई बार ई-टेंडर होने का मुद्दा उठाया। कहा कि इससे ठेकेदारों की जमानत धनराशि वापसी में तीन-तीन माह से अधिक समय लग जाता है। भाजपा पार्षद अनिल सेंगर ने सीएम ग्रिड के निर्माण कार्यों की प्रगति बताने को कहा।
सदन में गूंजे ये मुद्दे
सदन में सफाई, निर्माण, क्लोरीनेशन, पेयजल, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, स्ट्रीट लाइट और ई-टेंडर व विज्ञापन ठेकों में गड़बड़झाला का मुद्दा उठा।
कार्यकारिणी बैठक के दौरान नगर सफाई मजदूर संघ के अध्यक्ष राजकुमार खन्ना की अगुवाई में सफाई कर्मी नारेबाजी करते हुए सदन में दाखिल हुए। उन्होंने संगठन का चुनाव होने तक कर्मचारियों को इधर से उधर न करने और सुखमा कंपनी द्वारा जारी नियुक्ति को रोकने की मांग रखी। कहा कि इससे कर्मचारी परेशान हो रहे हैं। संगठन ने नगर आयुक्त को इसका ज्ञापन सौंपा। नगर आयुक्त से उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद नारेबाजी करते हुए बाहर निकल गए।
किस पर कितना होगा खर्च
- सड़क-नाली निर्माण पर 370 करोड़ रुपये।
- साफ-सफाई पर 120 करोड़ रुपये।
- जलकल के कार्य पर 15 करोड़ रुपये।
- क्लोरीनेशन पर 35 लाख रुपये।
- वाहनों के ईंधन पर डेढ़ करोड़ रुपये।