इसी तरह कुलपति के नाम से पहले फेसबुक, ईमेल व व्हाट्सएप अकाउंट आईडी बनाई थी। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस प्रवेश राणा के अनुसार प्रॉक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर सेल की मदद ली जा रही है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. तारिक मंसूर के नाम से व्हाट्सएप पर एक बार फिर फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को संदेश भेजे गए हैं। इसे लेकर सिविल लाइंस में प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से मुकदमा दर्ज कराया है। जिसमें एएमयू के पश्चिम बंगाल स्थित मुर्शिदाबाद सेंटर के प्रोफेसरों सहित अन्य कई जगहों पर लोगों को संदेश भेजे जाने का आरोप है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है।
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एएमयू प्रॉक्टर प्रोफेसर मो. वसीलम अली की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे में कहा गया है कि एक फर्जी नंबर से व्हाट्सएप आईडी अकाउंट बनाया गया। जिस पर कुलपति प्रो.तारिक मंसूर का फोटो स्टेट्स पर लगाकर लोगों को संदेश भेजे गए हैं। ये संदेश एएमयू प्रोफेसरों सहित अन्य कई अधिकारियों को भेजे गए हैं। इस पर उधर से कुछ लोगों ने ईमेल पर वापस जानकारी भेजी तो इंतजामिया के लोगों को पता चला। इंतजामिया के अनुसार ये कुलपति की छवि धूमिल करने के इरादे से किया जा रहा है।