इसी क्रम में विश्वविद्यालय के चांसलर सैयदाना मफादुल सैफुद्दीन अपने विचार व्यक्त करेंगे। 15 मिनट तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक समारोह को संबोधित करेंगे। उनके बाद प्रधानमंत्री मोदी एएमयू के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक डाक टिकट को जारी करेंगे और फिर अपना संबोधन देंगे। कार्यक्रम का समापन एएमयू तराने के साथ होगा।
100 से अधिक देशों में रह रहे एएमयू के पूर्व छात्र सुनेंगे पीएम का संबोधन
मंगलवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वर्चुअल संबोधन अलीगढ़ के अलावा दुनिया के 100 से अधिक देशों में सुना जाएगा। एक अनुमान के मुताबिक, देश और दुनिया में एक करोड़ से अधिक लोग प्रधानमंत्री के संबोधन को सुनेंगे।
एएमयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों को जो दूसरे देशों में नौकरी कर रहे हैं या फिर वहां रह रहे हैं, उन्हें कार्यक्रम का लिंक उपलब्ध कराया गया है। यह विश्वविद्यालय के 100 वर्ष के इतिहास में पहली बार होगा कि किसी कार्यक्रम में शामिल हो रहे मुख्य अतिथि को इतनी बड़ी संख्या में सुना जाएगा।
1000 एमबीपीएस गति के इंटरनेट पर होगा प्रधानमंत्री का संबोधन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शताब्दी वर्ष समारोह पर वर्चुअल संबोधन होगा। वैसे तो यह संबोधन एएमयू के कांफ्रेंस रूम में होगा। मगर, कलक्ट्रेट स्थित एनआईसी ऑफिस को कोई भी बैकअप के तौर पर तैयार किया गया है। सोमवार को संबोधन संबंधी सभी तैयारियों को पूर्ण कर लिया गया। दो बार संबोधन की मॉक ड्रिल हुई। 1000 एमबीपीएस की गति के इंटरनेट पर पीएम का संबोधन होना तय हुआ है।